ग्राम धनीवार में आज किसान संघर्ष समिति औरंगाबाद का धार्मिक दौरा भागवत गीता के ज्ञान का जल भरी कार्यक्रम से शुरू हुआ वहा आए संत विद्वान आचार्य ने बताया की
गीता में श्री कृष्ण भगवान ने अर्जुन को उपदेश देते हुए कहा था की
कर्म के बिना शरीर की यात्रा तो संभव ही नहीं हैं!
व्यक्ति सांस तो लेगा ही न पार्थ , यदि वातावरण में कोई सुगंध या कोई दुर्गध है तो उसको अनुभव करने के लिए विवश है ।
यदि कोई नाद है यदि कोई कोलाहल है , कोई ध्वनि है तो उसे सुनने के लिए कर्ण उसके आदेश की प्रतिक्षा नही न करेंगे पार्थ।
इसलिए जो अपनी इंद्रियों को स्थिर रखें जो उनपर अपनी चेतना का अंकुश लगाकर उन्हें कर्मों उन्मुख करें उन्हें कर्म की दिशा दिखाए वहीं श्रेष्ठ हैं ।
वो अपने विकल्पों को समझता है पार्थ वो अपनी संकल्प शक्ति को समझता है ओर हे पार्थ अपने नियत कर्म करना कुछ न करने से अच्छा है अब ये भी ठीक है पार्थ आंखे देखती है किंतु वे क्या देखें? क्या न देखें?
इसका निर्णय ज्ञानी तो स्वयं ही लेता है ।
इस अवसर पर तमाम पुराने साथियों आंदोलनकारियो से मुलाकात हुई सर्वप्रथम छोटन पांडे जी , प्रेम पांडे जी, श्रीकांत पांडे जी , मधुरेंद्र जी सभी आदरणीय बड़े बुजुर्ग लोगो का धार्मिक स्नेह प्राप्त हुआ समिति को।
तत्पश्चात काफिला अध्यक्ष जी और सचिव जी का रथ ग्राम बसौरा के तरफ बड़ा तो आतिथ्य भाव के लिए श्रीकांत पांडे जी वहा आए ।विविध विषयों पर चर्चा हुई। अध्यक्ष जी ने धनीवार वासियों को निर्देश देते हुए कहा कि संघटन के सभी किसान भाइयों का कैंप का विरोध करने का इरादा है जिसके लिए दिन और तिथि निश्चित होने वाला है । यदि आप धनीवार के लोग धरना का विरोध करते है तब समस्त किसान आपको अपना विरोधी मान लेगा। इसलिए आपलोग आगामी धरना का विरोध न करें ये मेरा सुझाव है।
धनीवार से काफिला ग्राम बसौरा के लिए बढ़ा। वहां आदरणीय चंद्रमोहन तिवारी जी सभी ग्रामवासी को एकत्र करके रखे हुए थे। वहां अध्यक्ष जी ने कैंप के विरोध में धरना के लिए लोगो को राजी किया । सभी ग्रामवासी सहर्ष हस्ताक्षर अभियान में भी भाग लिया। वहां उपस्थित नंदलाल जी ने कहा कि मैं हस्ताक्षर पूरा करवा के अध्यक्ष जी को छठ से पहले समर्पित कर दूंगा।
उसके बाद विजेंद्र जी को फोन कर बरहेता की और समिति प्रस्थान कर गया । वहा भी हस्ताक्षर अभियान का जिम्मा प्रेम बाबू को सौंपा गया ।
सक्रिय साथी अजीत बाबू के साथ सभी ग्रामवासी एकत्र हुए जहां बहुत सवाल जवाब हुए। संघटन ने सभी प्रश्नों का उतर देकर उनकी जिजीविषा की प्यास बुझाई और बताया कि हमारे साथ कैसे प्राधिकरण और प्रशासन मिल कर मुआवजा का गड़बड़ घोटाला कर रहा है।
यह अकाट्य सत्य, कटु सत्य बताकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया । वहां सड़क से सदन तक की पूरी कहानी बयान की गई।
इसके बाद भी काफिला नही रुका, और वह झरहा पहुंचा जहां आदरणीय बलराम बाबू का विचार तथा बौद्धिक प्रकोष्ठ के सदस्य जयराम बाबु के पास मार्गदर्शन प्राप्त किया गया।
झरहा में जो बात क्षण कर आई कि ग्राम धनीवार का समर्थन प्राप्त करना जरूरी है, उसके लिए बैठक करें जिसकी भनक पीएनसी को न लगे । हर कार्य का खबर शीर्ष नेतृत्व टिकैत साहब के संगठन को भी होना चाहिए।
आदरणीय श्री सुबोध भैया जो समिति के मुख्य संरक्षक है ।उनसे भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सभी चीजों को तिथि शेड्यूल निर्धारित कर संगठन की समीक्षा बैठक कर ठोस निर्णय पर पहुंचना है जिससे कि किसी किसान भाई को कोई संशय नहीं रहे। कैसे परियोजना में मुआवजा के लिए संघर्ष करना है? क्या रणनीति है?
इस कार्य के लिए समिति के सभी वरीय पदाधिकारी तथा सभी किसान भाइयों का गोवर्धन पूजा से भरा हुआ प्यार मिला।
आज इस पुनीत कार्य में श्री वीरेंद्र पांडे जी जगत सिंह जी नंदलाल जी चंद्रमोहन तिवारी जी तथा सभी बड़े बुजुर्गो का अध्यक्ष जी को आशीर्वाद मिला।


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