वादों को स्मरण दिलाने के लिए किसानों का मौन मार्च होगा - संयुक्त किसान मोर्चा
आज पार्थ पैलेस औरंगाबाद में , संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में वरीय किसान वशिष्ठ सिंह की अध्यक्षता में संयुक्त बैठक किया गया जिसका संचालन किसान विकाश कुमार सिंह ने किया।
बैठक के अतिथि रहे भारतीय किसान यूनियन के बिहार और झारखंड के प्रदेश प्रभारी रहे श्री दिनेश कुमार ने कहा की औरंगाबाद में ही प्रधानमंत्री मोदी जी ने मंडल डैम के पानी खेतो में पहुंचाने का वादा किया था । आज 2024 हो गया लेकिन लाल पानी के लिए खेत अभी बूंद बूंद तरस रहे है।
किसान संघर्ष समिति के सचिव जगत सिंह ने कहा की यही औरंगाबाद में एनटीपीसी परियोजना में शत प्रतिशत गैरमंजरुआ मालिक बकास्त भूमि का रैयतिकरन कर भुगतान किया गया है तो भारतमला में पीड़ित किसानों को इससे वंचित क्यों किया जा रहा है।
वरीय किसान चंद्रमोहन तिवारी ने बताया की जो सरकार हमलोग को मुआवजा भुगतान करना चाहती है वह बिलकुल बाजार भाव से नगण्य है बल्कि कानून है की वर्तमान बाजार भाव से चार गुना मुआवजा देना है।
राष्टीय मजदूर विकाश मंच के अध्यक्ष श्री मनोज सिंह ने बताया की मोदी जी देश के प्रधानमंत्री है, उन्होंने उतर कोयल सिंचाई परियोजना का पानी किसानों के खेत तक पहुंचाने की गारंटी ली थी। मगर कार्य के नाम पर लूट और रस्म अदायगी हुई।उनके द्वारा दी गई गारंटी को हम सभी किसानों का कर्तव्य बनता है की उनको बतलाए की आपके द्वारा किया गया घोषणा से भी हमलोग लाभान्वित नही हुए है।
बैठक में आधे दर्जन से अधिक जिले के किसान संघटनो ने भाग लिया। बैठक में जाने माने क्रांतिकारी किसान नेता भोला यादव भी संबोधित किया।
संयुक्त किसान मोर्चा ने निर्णय लिया की प्रधानमंत्री को स्मार पत्र देकर उनके द्वारा कोयल नहर सिंचाई परियोजना के पूर्व में दिए गए आश्वाशन को स्मरण दिलाया जाएगा। साथ ही इस योजना के नाम पर हुई लूट से भी अवगत कराया जाएगा। भारतमाला परियोजना में किसानों का उचित मुआवजा के लिय भी मांग पत्र में सम्मिलित रहेगा।
इसलिए इन्ही मांगो के समर्थन में संयुक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि १ मार्च को मौन मार्च का आयोजन किया जाएगा। इस मार्च का लक्ष्य होगा किसानों की मांगों का समर्थन करना, जिसमें देश के प्रधानमंत्री मोदी जी की गारंटी है। जो वो किसानों के साथ किया है वह पूरा नहीं हुआ है। इन्ही मांगों के लिए उनका ध्यान आकृष्ट हो। तथा हमारा मौन मार्च १ मार्च को गांधी मैदान से दानी बीघा तक निकलेगा। किसानों का सांकेतिक मौन मार्च होगा।
अध्यक्षीय भाषण में वरिष्ठ किसान नेता वशिष्ठ प्रसाद सिंह ने कहा की प्रधानमंत्री तक यहां के नेता बात ही नही पहुंचा रहे है, अगर किसान संगठन प्रधानमंत्री तक बात पहुंच जाए तो सभी मुद्दों का निराकरण सरकार के फैसले से कर सकते है। संघटन को अथक प्रयास और परिश्रम करके प्रधानमंत्री तक बात पहुंचना ही होगा।
इस अवसर पर रूपेश कुमार, अशोक यादव ,पिंटूयादव,,मनीष कुमार,उमा सिंह,अमरेश सिंह,रविदुबे, राजदेव पाल,राजेंद्र प्रसाद,मोहमद अकबाल, भोला यादव किसान नेता विनय सिंह ,इत्यादि उपस्थित रहें



0 Comments:
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home