Monday, 30 March 2026

“बेला का गौना” ने जगाई सामाजिक चेतना, तमसी गांव में उमड़ी अपार भीड़ और संस्कृति का संदेश

 रामनवमी के पावन अवसर पर कुटुंबा थाना अंतर्गत जगदीशपुर पंचायत के तमसी गांव में 27, 28 और 29 मार्च तक तीन दिवसीय भव्य नाटक आयोजन हुआ, जिसमें अंतिम दिन 29 मार्च की रात्रि में “बेला का गौना” नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक ने जहां लोगों का भरपूर मनोरंजन किया, वहीं समाज को एक गहरा और सकारात्मक संदेश भी दिया।

“बेला का गौना” केवल एक पारिवारिक राजसी कहानी नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज की संवेदनाओं, रिश्तों की मर्यादा, बेटी के सम्मान, पारिवारिक जिम्मेदारी और सामाजिक एकता का आईना है। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियां केवल बोझ नहीं होतीं, बल्कि परिवार की प्रतिष्ठा और संस्कार की पहचान होती हैं। विवाह और गौना जैसी परंपराओं में प्रेम, सम्मान, जिम्मेदारी और सामाजिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

नाटक में यह भी दिखाया गया कि दहेज, अहंकार, पारिवारिक विवाद और समाज में फैली गलत सोच रिश्तों को कमजोर कर सकती है, जबकि आपसी समझ, सम्मान और संस्कार परिवार और समाज को मजबूत बनाते हैं। “बेला का गौना” ने दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर किया कि गांव की संस्कृति केवल परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्य भी छिपे होते हैं।

कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही और जगदीश पंचायत सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में अपार भीड़ और उत्साह देखने को मिला। अंतिम दिन “बेला का गौना” के मंचन ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम में अमरेंद्र कुशवाहा के सर्वेश्रेष्ठ प्रदर्शन पर नवयुवक कला आयोजन समिति के सदस्यों के तरफ से सम्मानित भी किया गया, तथा सामाजिक कार्यकर्ता निखिल सिंह और शिक्षक सह पूर्व मुखिया प्रतिनिधि जयप्रकाश सिंह ने नाटक के लिए विशेष आर्थिक सहयोग किया जिसकी चर्चा समाज में चारों और है 

कार्यक्रम का संचालन शिक्षक जयकुमार सिंह ने किया। आयोजन में नौजवान संघ के कमेटी अध्यक्ष मनीष सिंह,  पूर्व मुखिया प्रतिनिधि सह शिक्षक जयप्रकाश सिंह,  सामाजिक कार्यकर्ता निखिल सिंह, अमिताभ सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता चमन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय सिंह , अंजनी सिंह, गोल्डी सिंह, बंटी सिंह, रवि सिंह, पवन सिंह, प्रमोद सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण सिंह, वरीय नेता जितेंद्र सिंह और पंचायती राज से जुड़े कई ग्रामीण नेताओं की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।

उपस्थित लोगों ने कहा कि गांवों में इस तरह के लोकनाट्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं होते, बल्कि यह नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का काम करते हैं। आज के समय में जब लोग मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया में खोते जा रहे हैं, तब “बेला का गौना” जैसे नाटक समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

गांव के बुजुर्गों ने कहा कि पहले गांवों में नौटंकी और लोकनाट्य की परंपरा समाज को जोड़ने का माध्यम हुआ करती थी और आज भी ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, भाईचारा और जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। “बेला का गौना” ने यह साबित कर दिया कि लोक संस्कृति की ताकत आज भी समाज को सही दिशा देने में सक्षम है। बिहार के लोकनाट्य लंबे समय से सामाजिक संदेश, पारिवारिक मूल्यों और ग्रामीण जीवन की वास्तविकताओं को सामने लाने का माध्यम रहे हैं।

Thursday, 29 January 2026

प्रशिक्षण के माध्यम से साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को किया गया जागरूक

डुमरी प्रखंड कुटुम्बा के डुमरी गांव में सीएससी वीएलई द्वारा तीन दिवसीय साईबर सुरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन

डुमरी (औरंगाबाद):

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को देखते हुए आम नागरिकों को जागरूक करना आज की बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए डुमरी प्रखंड अंतर्गत कुटुम्बा गांव, डुमरी में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) वीएलई के द्वारा तीन दिवसीय साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।


इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना था।

साइबर ठगी से बचाव की दी गई महत्वपूर्ण जानकारियाँ

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सीएससी वीएलई राजू चौधरी ने साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न हथकंडों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थोड़ी-सी जागरूकता और सतर्कता से हम बड़ी ठगी से बच सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आजकल साइबर अपराधी खुद को—

पुलिस अधिकारी

बैंक कर्मचारी

सीबीआई या ईडी अधिकारी

बताकर लोगों को डराते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

फोन कॉल से होने वाली ठगी से कैसे बचें

राजू चौधरी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति—

पुलिस की वर्दी में फोटो या वीडियो कॉल करे

अनजान नंबर से फोन कर तुरंत पैसे भेजने को कहे

खुद को अधिकारी बताकर धमकाए

तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे किसी भी व्यक्ति का—

नाम

मोबाइल नंबर

गूगल पर सर्च करें, और यदि जरा-सी भी शंका हो तो तत्काल स्थानीय थाना को सूचना दें।

बैंक और दस्तावेज़ों की जानकारी साझा न करें

प्रशिक्षण में विशेष रूप से यह चेतावनी दी गई कि—

कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को बैंक डिटेल, ओटीपी, एटीएम नंबर न दें

आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटो या जानकारी साझा न करें

कई बार साइबर अपराधी लोगों को यह कहकर डराते हैं कि उनका आधार या पैन कार्ड ड्रग तस्करी या अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।

गैर-जमानती वारंट दिखाकर डराने की चाल

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि साइबर ठग अक्सर मोबाइल पर—

फर्जी गैर-जमानती वारंट

कोर्ट के कागजात की कॉपी

भेजकर लोगों को मानसिक रूप से डराते हैं और पैसे ऐंठते हैं। ऐसी किसी भी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। इसकी तुरंत जानकारी पुलिस को देनी चाहिए।

साइबर ठगी होने पर क्या करें?

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए, तो—

तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें

जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी

लोगों में दिखा जागरूकता का सकारात्मक असर

तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्रामीणों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। लोगों ने सवाल पूछे और साइबर सुरक्षा से जुड़ी कई भ्रांतियों को दूर किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने डिजिटल लेन-देन को लेकर अधिक सतर्क रहने का संकल्प लिया।



निष्कर्ष

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम साबित करता है कि यदि सही तरीके से जानकारी दी जाए तो आम लोग भी साइबर अपराध से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। सीएससी वीएलई राजू चौधरी द्वारा किया गया यह प्रयास डिजिटल इंडिया की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

Zenith Think ऐसे जागरूकता अभियानों को समाज के लिए बेहद आवश्यक मानता है और भविष्य में भी इस तरह की सकारात्मक खबरों को प्रमुखता से प्रस्तुत करता रहेगा।

Friday, 29 August 2025

Zenith Creche Academy में उत्साहपूर्वक मनाया गया राष्ट्रीय खेल दिवस

 29 अगस्त 2025, शुक्रवार को Zenith Creche Academy, औरंगाबाद में राष्ट्रीय खेल दिवस बड़े ही उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया गया। मैदान न होने के बावजूद विद्यालय ने रचनात्मक सोच का परिचय देते हुए कक्षाओं और परिसर में छोटे-छोटे खेलों का आयोजन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक विकाश कुमार सिंह ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा –

“जहाँ खेल है, वहीं भविष्य है। खेल न केवल शारीरिक बल देता है, बल्कि अनुशासन, सहयोग और आत्मविश्वास की भी शिक्षा देता है।”

बच्चों ने Spoon Race, Balloon Race, Needle Race, Shake Race आदि गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। खेल के दौरान विद्यालय परिवार और अभिभावकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम का समापन विजेताओं को मेडल और प्रमाण पत्र देकर किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस के प्रेरणास्रोत हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी स्मरण किया गया।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रिंकी सिंह ने कहा –

“खेलों से बच्चों का समग्र विकास होता है और इसी उद्देश्य से हम हर परिस्थिति में खेल गतिविधियाँ कराते रहेंगे।”

मेडल पाकर सम्मानित होने वाले बच्चों में माही नाज, साजिया प्रवीण, अशांत, आरुषि कुमारी, अभिराज, निखिल कुमार, साहिल कुमार, रिशु राज, अलिना प्रवीण, प्रिंस कुमार, बजरंगी कुमार आदि शामिल रहे।

शिक्षक समाज से अंजलि सिंह, रागनी कुमारी, खुशबू कुमारी, हर्षित पाठक,रानी कुमारी तथा सुनीता कुमारी उपस्थित रही।


Sunday, 24 August 2025

श्रीकृष्ण नगर में आयोजित बैठक, टाउन हॉल में 7 सितम्बर को होगा गुरु सम्मान समारोह

 औरंगाबाद। आगामी 7 सितम्बर को टाउन हॉल में आयोजित होने वाले “गुरु सम्मान समारोह” की तैयारियों को लेकर रविवार को श्रीकृष्ण नगर स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में एक बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष अजय पांडे तथा संचालन जिला उपाध्यक्ष दिलीप सिंह ने किया । बैठक में संस्था की कार्यकारिणी समिति के पदाधिकारी, निदेशक, प्राचार्य एवं सम्मानित अतिथि रवींद्र सिंह उपस्थित रहे।

बैठक के मुख्य अतिथि पूर्व विधान परिषद सदस्य (Ex-MLC) सह राजन ममता ग्रुप एवं इंस्टीट्यूशन के अध्यक्ष राजन सिंह थे।

बैठक में तय हुआ कि 7 सितम्बर को होने वाले गुरु सम्मान समारोह को भव्य और व्यवस्थित रूप दिया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को भी मंच प्रदान किया जाएगा।

बैठक में कार्यकारिणी समिति की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारियाँ सुनिश्चित कीं।

मुख्य अतिथि श्री रज्जन सिंह (एमएलसी) ने कहा कि “गुरु ही समाज की नींव हैं, ऐसे में उनका सम्मान करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।” वहीं, राजा ममता ग्रुप एवं इंस्टीट्यूशन के अध्यक्ष ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी बताया। साथ में एक बड़ी घोषणा भी कर दी कि रमेश चौक से दानी बीघा तक संघ के लिए जमीन की उपलब्धता कर एक संघ का निजी कार्यालय बनवाने का अथक प्रयास करूंगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि समारोह में जिले के विभिन्न विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के शिक्षकगण, प्राचार्य, निदेशक और अभिभावक बड़ी संख्या में भाग लेंगे।

इस अवसर पर जिला सचिव रवि रंजन, कोषाध्यक्ष विजय कुमार,अखिलेश कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, बबलू कुमार, धीरेंद्र दुबे, नीरज कुमार पांडेय, कान्हा मेहता, परवेज असलम,वरुण कुमार, ललन कुमार मेहता, दिलीप कुमार,रवि वर्मा, विकास कुमार सिंह, अनिल कुमार पांडेय,मदन प्रसाद तथा औरंगाबाद जिले के विभिन्न प्रखंडों के निजी विद्यालयों के प्राचार्य , निदेशक मौजूद रहें। 

Friday, 15 August 2025

🇮🇳 जेनिथ क्रेच एकेडमी में 79वां स्वतंत्रता दिवस – भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन 🇮🇳

औरंगाबाद – आज दिनांक 15 अगस्त 2025 (शुक्रवार) को Zenith Creche Academy के प्रांगण में 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह, देशभक्ति और गरिमा के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 7:30 बजे विद्यालय के निदेशक विकाश कुमार सिंह द्वारा ध्वजारोहण एवं राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिंद” के गगनभेदी नारों से वातावरण देशभक्ति रंग में रंग गया।

निदेशक का प्रेरक संबोधन , अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा –

राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका माली के समान होती है, जो बच्चों के मन के खरपतवार को हटाकर उनके चरित्र का निर्माण करता है। आज के बच्चे ही कल के युवा हैं, जिन पर सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक जिम्मेदारियां होंगी।”

उन्होंने पर्यावरण दोहन और प्राकृतिक आपदाओं के हालिया उदाहरण देते हुए मानव और प्रकृति के संतुलन पर भी बल दिया।

प्रधानाचार्या का संदेश

प्रधानाचार्या रिंकी सिंह ने अभिभावकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति प्राथमिक शिक्षा में अवसरों और ऊँचाइयों का नया द्वार खोलेगी।

सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम

कार्यक्रम में शिक्षिका आस्था कुमारी, अंजलि सिंह, हर्षित पाठक, रागिनी कुमारी, खुशबू कुमारी और रानी शर्मा ने शुभकामनाएं दीं।

राष्ट्रीय मिठाई जलेबी के वितरण के बाद दीप प्रज्वलन द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

विद्यार्थियों द्वारा हिंदी व अंग्रेजी भाषण, देशभक्ति गीत, नृत्य, एवं शायरी प्रस्तुत की गई। शशांक और विराट की शायरी ने विशेष सराहना पाई।

राधा-कृष्ण उत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नन्हें प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया:

अयनांश कुमार (नर्सरी), साक्षी कुमारी (नर्सरी), आरुषि सिंह (LKG), मोहित सेन (LKG), काव्या कुमारी (UKG), श्रेयांश राज (UKG), Aabhya कुमारी (Std 1), प्रतीक लोकेश अभिषेक (Class 1), आयुष कुमार (Class 2), दुर्गा कुमारी (Class 2), संजना कुमारी (Class 3), Dipashyaa लोकेश अभिषेक (Class 4), Lucy kumari (Class 4), Virat singh (Class 4)।

धन्यवाद ज्ञापन 

धन्यवाद ज्ञापन खुशबू कुमारी ने किया तथा सूचित किया कि जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय बंद रहेगा और सोमवार से पूर्व निर्धारित समयानुसार कक्षाएं संचालित होंगी।


Wednesday, 13 August 2025

Zenith Creche Academy में राधा–कृष्ण उत्सव व मटकी सजाओ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

औरंगाबाद, बिहार (13 अगस्त 2025):

आज Zenith Creche Academy का प्रांगण भक्ति, उल्लास और रंगों से सराबोर रहा। मानो ब्रजधाम स्वयं आकर बच्चों के संग खेल रहा हो। विद्यालय के नन्हे-मुन्ने छात्रों ने राधा–कृष्ण के स्वरूप धारण कर अपनी मधुर मुस्कान और मनमोहक अदाओं से सभी का मन जीत लिया।

प्ले से UKG तक के छोटे–छोटे राधा–कृष्ण कभी शरारत से बांसुरी बजाते, कभी राधा संग झूमते, तो कभी अपने नन्हे हाथों से माखन लूटते नज़र आए। उनकी यह अदाएं श्रीकृष्ण की लीलाओं को सजीव कर रही थीं।

वहीं, कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों ने मटकी और कलश सजाओ प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। रंगों, फूलों और भक्ति से सजे प्रत्येक कलश ने एक अनूठी कहानी बयां की, जिसे देख सभी मंत्रमुग्ध हो गए।

इस कार्यक्रम में सम्माननीय प्राचार्या रिंकी सिंह, शिक्षिका अंजलि कुमारी, आस्था कुमारी, रागिनी कुमारी, खुशबू कुमारी, रानी कुमारी एवं हर्षित पाठक का रचनात्मक योगदान सराहनीय रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात मंच पर राधा–कृष्ण के रूप में सजे नन्हे कलाकारों ने अपने भक्ति-भाव, नृत्य और मुस्कान से पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र–छात्राएं:

भारतीय, शिवांश, आरव, मधु, प्रिया, तमन्ना, भूमिका, आराध्या, वंश, सृष्टि सिंह, लूसी, दीपष्या, शुभम दांगी, आभया, दुर्गा, संजना, अनुष्का, विराट, साक्षी, ऋतिक, आणवी और शिवन्या।

इस अवसर पर शिक्षिका आस्था कुमारी ने कहा — "नन्हे बच्चों का प्रदर्शन सचमुच दिल को छू लेने वाला था।" वहीं शिक्षिका अंजलि सिंह ने बताया — "इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों के दिलों में भक्ति, संस्कार और सांस्कृतिक विरासत के प्रति प्रेम जगाना है।"


Tuesday, 10 June 2025

नोटिस दिए बगैर निर्माण कराने पहुंचे सीओ, मांगों को लेकर अड़े किसान

 *नोटिस दिए बगैर निर्माण कराने पहुंचे सीओ, मांगों को लेकर अड़े किसान* 

 अंबा औरंगाबाद। भारतमाला परियोजना के तहत वाराणसी- कोलकाता एक्सप्रेसवे में जमीन का अधिग्रहण और निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए कुटुंबा अंचल अधिकारी चंद्र प्रकाश, कुटुंबा थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह और पीएनसी कंपनी के अधिकारी मंगलवार की दोपहर दलबल के साथ रामपुर गांव पहुंचें जहां उन्हें ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। अंचल अधिकारी और किसानों के बीच पांच घंटे तक वार्ता चली लेकिन किसान उचित मुआवजा लिए बगैर निर्माण कार्य शुरू न करने की बात पर अड़े रहे। किसानों ने कहा कि रामपुर गांव के किसानों को न तो नोटिस दिया गया है और ना ही मुआवजा। लेकिन प्रशासन जबरन निर्माण कार्य शुरू कराना चाहती है। खबर लिखे जाने तक प्रशासन और किसान आमने-सामने डटे हुए हैं। प्रशासन किसानों को रात में घर जाने का इंतजार कर रही है। उनका कहना है कि रात में भी निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इधर किसान भी कार्यस्थल पर डटकर विरोध कर रहे हैं।  इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के संयोजक वशिष्ठ सिंह, नरेंद्र कुमार, विकास कुमार सिंह, ललन सिंह, रमाकांत पांडेय समेत सैकड़ो किसान उपस्थित थे।



*सरकारी दावे और प्रशासन के कार्य प्रणाली में विसंगतियों से उठ रहे प्रशासन पर सवाल* 


विभिन्न सरकारी परियोजनाओं में जमीन का अधिग्रहण और मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन प्रखंड क्षेत्र में ज्वलंत मुद्दा बनकर उभर रहा है।  उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का संघर्ष यह बयां कर रहा है कि अधिग्रहण को लेकर सरकार की नीति और पदाधिकारियों की कार्यवाही में विसंगति है। भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्रालय के वरीय सचिव दीपक कुमार ने भूमि अधिग्रहण में आ रही समस्याओं को सुलझाने के लिए सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि वे अपने जिला में पांच सदस्यीय टीम गठित करें। जो अधिग्रहित जमीन का सात प्रकार से वर्गीकरण करते हुए पुनर्मूल्यांकन कर उचित दर तय करेंगे। लेकिन उक्त आदेश को लेकर जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा कोई भी प्रयास धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। भारतमाला परियोजना में अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को 2012 के सर्किल रेट से मुआवजा राशि दी जा रही है। जो सरकार की नीति के विरुद्ध है। जिला प्रशासन सरकार की नीति के विरुद्ध कार्य क्यों कर रही है इसका जवाब तो वही दे सकती है लेकिन किसान अपने हक और उचित मुआवजे को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में है। किसानों का कहना है कि वे जान दे देंगे लेकिन उचित मुआवजा लिए बगैर एक इंच भी जमीन नहीं देंगे। प्रखंड और जिला कार्यालय में प्रदर्शन के बाद किसान कमिश्नर ऑफिस गया का घेराव करने की मूड में है। किसानों के संघर्ष ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है। अब देखना है कि वह किसानों के संघर्ष का और इम्तिहान लेगी या सरकारी नीतियों के तहत किसानों को मुआवजा का भुगतान करेगी। 



 *प्रखंड में हो एक मुआवजा दर* 

किसानों का कहना है कि नेशनल हाईवे 98 पर बन रहे हरिहरगंज बाईपास निर्माण में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा जिस दर से कुटुंबा प्रखंड के डेहरी गांव के किसानों को दी गई है, उसी दर से हमें भी मुआवजा राशि दी जाए। विदित हो कि डेहरी गांव के किसानों को प्रति डिसमिल 30620 के दर से चार गुना मुआवजा राशि ब्याज सहित दी गई है। वहीं भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीन का मुआवजा 8000 रुपए के दर से दिया जा रहा है।


 *जबरन निर्माण कराने का प्रयास क्यों कर रही प्रशासन* 


किसान कार्यस्थल पर निर्माण कार्य का विरोध कर रहे हैं और प्रखंड व जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर अपने हक के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। वहीं प्रशासन कार्यस्थल पर सैकड़ों सुरक्षा बलों की तैनाती कर जबरन निर्माण कार्य शुरू कराने का लगातार प्रयास कर रही है। जहां किसानों की संख्या अधिक है वहां विरोध के बाद प्रशासन को वापस लौटना पड़ रहा है लेकिन जहां गिनती की संख्या में किसान हैं वहां जबरन निर्माण कार्य शुरू करा दिया जा रहा है। जिसका उदाहरण है प्रखंड क्षेत्र का पोला गांव। नेशनल हाईवे 98 पर हरिहरगंज बाईपास निर्माण में पोला गांव के किसानों को सुरक्षा बलों का भय दिखा कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। पदाधिकारियों द्वारा किसानों को कहा गया कि हम वरीय अधिकारियों के आदेश का पालन कर रहे हैं। आप मुआवजे के लिए न्यायालय की शरण में जाएं। वहीं नवीनगर प्रखंड में कार्यस्थल पर विरोध करने के कारण कुछ लोगों को पकड़ कर थाना ले जाया गया ताकि किसानों में भय पैदा किया जा सके लेकिन किसानों की एकजुटता के बाद उन्हें थाना परिसर से ही छोड़ दिया गया। इधर कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र के दरियापुर गांव में भी प्रशासन ने जबरन निर्माण कार्य शुरू कराना चाहा तब आसपास के गांव के सैकड़ो किसानों और जनप्रतिनिधियों के पुरजोर विरोध के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। किसान उचित मुआवजा लेकर जमीन देने को तैयार हैं फिर कैंप लगाकर किसानों की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है। प्रशासन किसानों पर पुलिस बल का प्रयोग कर जबरन निर्माण कार्य क्यों कराना चाह रही है। यह सरकार, प्रशासन और समाज के समक्ष बड़ा सवाल है।