शिक्षा में नया सुधार ज्ञान का उपहार
औरंगाबाद :- कोरोना वैश्विक महामारी ने हमसभी को इक दुसरे से लम्बे अंतराल से अलग-थलग कर के रख दिया है , परन्तु हम औरंगाबाद कभी न रुकते और थकते है, हम कोई न कोई पथ खोज ही लेते है , इसी कड़ी में बड़े प्रसन्ता के साथ जेनिथ प्रबंधन आपको ७४वे सवतंत्रता दिवस पर जेनिथ के विद्यार्थियो के लिए शिक्षा में नया सुधार ज्ञान का उपहार लेकर आ रहा है,
नई शिक्षा निति पर व्यापक चर्चा के लिए आयोजन गूगल मिट के मध्यम से किया गया जिसमे विशेष रूप से कई स्थानों के शिक्षाविद, विद्यालय के सभी शिक्षक सहित कई मेहमानों को आमंत्रित किया गया था जिसमे औरंगाबाद के रेड क्रॉस चैयरमैन सतीश कुमार सिंह ,और देल्ही के CPC Olympiad के निदेशक संजय कुमार सिंह का इस आयोजन में महती भूमिका रही और इनके विशेष सहयोग से यह आयोजन सफल रहा ।
रेड क्रॉस के चेयरमैन सतीश कुमार सिंह ने मुख्य रूप से अपने संबोधन
में कहा की नयी शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य यह है की पूरी शिक्षा व्यवस्था को
इस तरह पुर्नगठित किया जाय की यह रटने की और ले जाने की बजाय बच्चो को सिखा कैसे
जाय यह सिखाने में सक्षम बने । उद्देश्य यह भी है
की विद्यार्थियों में २१वें सदी के लिए जरुरी हुनर कौशल , ज्ञान और मूल्य विकसित
किये जाए और साथ ही साथ एक समग्र और पूर्ण व्यक्ति के रूप में विकसित हो सके ।
कम्पटीशन प्रमोशन सोसाइटी के निदेशक संजय कुमार सिंह ने कहा की पूरी स्कूली शिक्षा के शिक्षाक्रम को इस प्रकार दिशा दी जाएगी की विद्यार्थियों का समग्र विकास हो और उनके उच्च स्तर के हुनर और कौशल जैसे तार्किक चिंतन सहयोग की भावना , टीम में काम करने सामाजिक सरोकार और डिजिटली लिटरेसी का ज्ञान आदि को भी विकसित किया जा सके, साथ में बधाई भी दिया की कम संसाधन में भी आपके निदेशक विकाश कुमार सिंह ने डिजिटल लिटरेसी के लिए नयी शिक्षा निति पे जो काम कर रहे है वह बहुत ही साहसिक कदम है,
श्रीमती रिंकी सिंह ने बताया की न्यूरोसाइंस के साक्ष्य बताते है की बच्चे
का मस्तिषक का विकास ८५% विकास ६ वर्ष की आयु से पहले हो जाता है । और
बताया की इसकी विस्तार रूप रेखा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कर दी जाएगी जो विद्यार्थियो
के लिए वरदान साबित होगा।
धन्यवाद





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