श्राद्ध कार्यक्रम में बांटे गए फलदार पौधे, पर्यावरण बचाने की अनोखी पहल
सनातन परंपरा के मुताबिक आपने अब तक किसी दिवंगत के श्राद्ध कार्यक्रम या ब्रह्मभोज में ब्राह्मणों या आने वाले लोगों के बीच वस्त्र, नकद राशि, धातु सहित कई वस्तुओं का दान करते दिवंगत के परिजनों को देखा और सुना होगा, लेकिन बिहार के मदनपुर ब्लाक उमंगा पंचायत में उमंगा गाँव में संतोष कुमार सिंह के पिताजी स्व वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन के बाद आयोजित ब्रह्मभोज में पौधों का दान देकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया गया। जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
मदनपुर के उमंगा में दिवंगत आत्मा के घर बह्मभोज में पहुंचे सभी लोगों के बीच फलदार पौधों का वितरण किया गया।
दिवंगत आत्मा के दामाद विकाश कुमार सिंह ने बताया कि
कोरोना काल में लोगों को ऑक्सीजन से मरते हुए देखा था, तभी से पौधे लगाने और
उसे बचाने को लेकर जब भी मौका मिलता है, काम करता हूं। इस
कार्य में मनीष बाबु महुआई राजा बाबु नालंदा, नविन, सचिन वार्ड सदस्य युगल बाबु के
पुत्र जो वन विभाग मदनपुर में कार्यरत है उनका वैचारिक सहयोग और समर्थन मिला हम
उसके लिए आभार प्रकट करते हैं ।
उन्होंने कहा, जब पिताजी का निधन
हुआ तो यह विचार मन में आया। पर्यावरण बचाने की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम होगा।
हमने बह्मभोज में फलदार पौधा का वितरण किया ताकि पिताजी की तरह लंबी उम्र तक
ऑक्सीजन तथा खाने के लिए फल सभी लोगों को
मिले।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक खुशी का मौका हो या दुख का, पौधे लगाने के लिए बहाना खोजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधे से किसी को नुकसान नहीं होता। सभी को पौधे लगाने के लिए आज जागरूक करने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि सेवानिवृत वशिष्ठ बाबु (80) का निधन 03 जुलाई को
हो गया था।
उनके निधन के बाद परिवार की ओर से ब्रह्मभोज का आयोजन
किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्व वशिष्ठ बाबु की परिवार की श्रंखला
भी पहुंचीं।
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