Friday, 10 March 2023

डीएम ने नहीं मानी बात , किसान करेंगे आन्दोलन

 


भारत माला परियोजना के तहत ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे में की जा रही भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रभावित किसान काफी रोष में है , आज किसान संघर्ष समिति के ११ सदिस्य शिष्ट मंडल ने जिला पदाधिकारी से मिलकर अपनी मांगो को दोहराया लेकिन एक भी मांग मानने से जिला पदाधिकारी ने इंकार कर दिया इस बात को लेकर किसान काफी चिंतित और हताश है , इस बाबत किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीरेंदर पाण्डेय ने कहा की अब हमारे सामने केवल दो ही विकल्प है एक न्यायलय और दूसरा आन्दोलन कहा की सरकार और अफसरों की मनमानी नहीं चलने देंगे अपना हक़ लेकर रहेंगे

किसानो का शिष्टमंडल एडीम सह भू अर्जन पदाधिकारी से भी मिला उनके साथ हुई लम्बी वार्ता में कई प्रश्न किय गए उन्होंने उसका उत्तर दिया एक भी उत्तर किसान के पक्ष में नहीं था उनसे जब पूछा गया वैसे भूमि जो सड़क के किनारे है या राष्टीय राजमार्ग के किनारे है उसका मुआवजा किसान को क्या मिलेगा तो उन्होंने स्पष्ट रूप से बाताया की हमें निर्देश प्राप्त है भूमि चाहे जहाँ की भी हो वर्तमान स्वरुप में यदि खाली है तो उसे भीट धनहर का ही मुआवजा दिया जायेगा

किसान संघर्ष समिति के मिडिया प्रभारी राजन तिवारी और विकाश कुमार सिंह ने जब उनसे सवाल किया की वैसे अधिग्रहण वाली भूमि जो आवासीय दर पर केवाला के माध्यम से खरीदगी की गई और सरकार को आवासीय कर भुगतान किया गया है वैसी जमीनों को क्या होगा जिसमे आवास नहीं है तो उस जमींन का क्या मुआवाज मिलेगा इस सवाल पर भी भू अर्जन पदाधिकारी ने भारत सरकार के NHAI कानून का हवाला देते हुए कहा की हम ऐसे जमीन का भी आवासीय भुगतान नहीं करेंगे

शिष्टमंडल का यह भी सवाल था NHAI के तहत दिल्ली कटरा एक्सप्रेस वे में किसानो को मुआवजा नेशनल हाईवे के किनारे एक करोड़ बयासी लाख चालीस हजार तीन सौ बीस रूपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया गया है तो यहाँ के नेशनल हाईवे के किनारे के जमीनों का मुआवजा कटरा एक्सप्रेस वे के अनुरूप क्यों नहीं है इस पर पदाधिकारी ने अपने आप को सरकार के दिशा निर्देश पर बंधे होने के हवाला देते हुए किसानो को न्यायलय में जाने का सुझाव दिया

इस मौके पर किसान संघर्ष समिति के अधयक्ष विरेंद पाण्डेय, सचिव जगत सिंह , बलराम सिंह , रमाकांत पाण्डेय , विजेंद्र पाण्डेय , राज कुमार सिंह , आदि उपस्थित थे

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