बरौली में एक्सप्रेसवे के लिए भूमि मापी का विरोध
■'वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस वे' के अंतर्गत ली जा रही कुटुम्बा प्रखंड के बरौली गाँव की जमीन की नपाई का विरोध वहाँ के ग्रामीणों ने मुखर होकर किया है। भू-अर्जन विभाग के अधिकारी और अमीन जब वहाँ जमीन नापी के लिए पहुँचे तो सैकङों की तादाद में ग्रामीणों ने उनका विरोध किया।
आपको बताते चले कि पूर्व में कुटुम्बा और देव प्रखंड के हजारों ग्रामीणों ने पदयात्रा और प्रखंड कार्यालय पर धरना देकर अच्छी मुआवजा न मिलने को लेकर प्रशासन को शिकायत दर्ज करायी थी। बरौली के किसान नेता विनोद सिंह ने मीडिया को बताया की पिछले 8 वर्ष से उनके गाँव का एमवीआर नहीं बढ़ाया गया है जबकि सभी राज्यों में जहाँ भी जमीन अधिग्रहण की जाती है उनका एमवीआर अपडेट कर दिया जाता है। गाँव के दूसरे किसान सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि सङक किनारे की जमीन और रेट के साथ हमलोग सर्विस रोड के लिए भी प्रशासन से मांग किए थें जिसको प्रशासन ने गंभीरतापूर्वक नहीं लिया और जमीन की रेट 10 हजार प्रति डिसमील निर्धारित कर दी गई जबकि शुरू में 11,200 रूपये प्रति डिसमील की रेट पर भी हमलोगों ने कङा रूख अपनाया था। उस समय भी हमलोगों ने प्रशासन के सामने अपना विरोध दर्ज कराया था।
समाचार लिखे जाने तक सीओ की आने की सुचना भी ग्रामीणों को दी गई है। ग्रामीणों का कहना था की जबतक मुआवजा रेट नहीं बढ़ेगा तबतक वो नापी की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेंगे। ग्रामीणों ने साथ ही आवासीय भूमि की प्रकृति में सुधार की मांग करते हुए सङक किनारे की भूमि को आवासीय प्रकृति की करने की मांग की है।
मौके पर बरौली के किसान नेता विनोद सिंह, सत्येन्द्र सिंह, जुगेंद्र सिंह, रामजी सिंह, नरेश सिंह, महेश्वरी सिंह, सतन सिंह, बबन सिंह, अवधेश सिंह, प्रवेश सिंह, रामाशीष सिंह, ललन सिंह, राजेन्द्र सिंह सहित सैकङों ग्रामीण विरोध प्रदर्शन में उपस्थित थें।



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