"राखी बनाओ और इनाम पाओ" - जेनिथ क्रैस
जिला मुख्यालय में शहर के महत्वपूर्ण प्राथमिक संस्थान जेनिथ क्रैस अकादमी में मंगलवार को "राखी बनाओ और प्रोत्साहन पाओ" प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के सभी बच्चों सहित कर्मचारियों ने भी भाग लिया। विद्यालय में इसके साथ ही पढ़ाओ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
सबसे पहले पैवेलियन प्रतियोगिता में भाग लेकर एक दूसरे के हाथों से अलग-अलग डिजाइन बनाए गए। यह प्रतियोगिता विद्यालय के अध्यापिका सौरव सिंह के निर्देशन में आयोजित की गई। डॉ. सिंह ने कहा कि सावन में मंडप के बिना अधुरा , सावाँ में ईसाई धर्म और परंपरा का हिस्सा माना जाता है। तालाबों का तासीर ठंडा रहता है , सावन के महीने में भारी बारिश होती है जिसके कारण कई तालाबों का खतरा बना रहता है। शरीर को ठंडा करके रखने की विधि का प्रयोग किया जाता है। ना सिर्फ हाथों की प्राकृतिक प्रकृति को दर्शाता है बल्कि तनाव और सिरदर्द की समस्या भी दूर होती है।
दूसरे चरण में राखी पार्टी में साथियों ने तरह-तरह की राखियां बनाईं। इस प्रतियोगिता में क्वीन शर्मा के डायरेक्टर के साथ हुई।
रानी शर्मा ने बच्चों की पाठशाला को संग्रहालय की संरचना में कहा कि रेशम के श्रालाज की बहन द्वारा भाई के कलाई पर बंधन बांधे जाने की परंपरा को रक्षा बंधन कहा जाता है।
" रिलेशन की परिभाषा है , रिलेशन का गुणगान है राखी , अखिल विश्व में समरसता की सर्वेश्रेष्ठ पहचान है राखी"
यूसुफ़ शर्मा ने सभी कार्यशाला स्थलों को राखी बनाने के साझा तरीके की अनुमति दी। जैसे चावल के द्वारा रंग बिरंगी राखी , चार्ट पेपर के , घर में कच्ची रिबन के द्वारा , मोती और अन्य सहायक छात्रों के माध्यम से।
उनके द्वारा प्राप्त निदेशक से छात्रों ने एक खुबसूरत राखी का निर्माण किया। इसे देखकर हर कोई मन हाथ से बनी राखियों को देखकर अपलोड हो जाता है।
इस असवर में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रिंकी सिंह ने, कविता , पौराणिक गीत , चुटकुला का आह्वान करते हुए छात्रों से रक्षा बंधन की अपील की, जिसमें बच्चों ने बड़े पैमाने पर पौराणिक कथाएं लीं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जेनिथ क्रैस स्कूल अपने छात्रों के सर्वांगीन विकास के लिए कटिबद्ध और रेट है। इस विद्यालय ने समाज में पिछले 11 वर्षों में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है। इस अवसर पर छात्रों ने रक्षा सूत्र का आशीर्वाद लिया।
इस पर भाग लेने वाले सभी छात्रों को पदक प्राप्त करने के लिए उनका उत्साह बढ़ाया गया और कहा गया कि इसी तरह किसी भी समारोह में भाग लेने वाले से आपका मानसिक, रचनात्मकता और सृजनात्मक बुद्धि का विकास निरंतर होता रहता है ।
इस अवसर पर आबदा खातून , आस्था कुमारी , सृष्टि कुमारी , पल्लवी कुमारी , शिव शंकर प्रसाद , जैनब और स्कूल के निदेशक विकाश कुमार सिंह उपस्थित थे।
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