किसानों से दुश्मनी लेकर न कोई सरकार बन सकती है और न चल सकती है – किसान!
आज बुद्धा रिजॉर्ट औरंगाबाद में किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसान नेता वीरेंद्र पांडे की अध्यक्षता में भूमि अधिग्रहण से पीड़ित संघर्षरत किसानों की बैठक हुई। सभा का संचालन विकाश कुमार सिंह ने किया ।जिसमें #पूर्वमंत्री और किसान नेता #अखलाक_अहमद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष #दिनेश_कुमार जिला परिषद इंजीनियर सुबोध सिंह ने संबोधित किया।
यह बैठक 9 अक्टूबर को किसानों के राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत के प्रस्तावित कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए आयोजित थी। किसान नेता राकेश टिकैत इस यात्रा के दौरान बिना उचित मुआवजा दिए किसानों की जमीन हड़पने और भ्रष्ट अफसरों द्वारा किसानों को प्रताड़ित करने के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करेंगे। #9अक्टूबर_औरंगाबाद_गांधी_मैदान में किसान शंखनाद आंदोलन का बिगुल फुकेंगे। जहां भूमि अधिग्रहण के नाम पर किसानों को प्रशासनिक उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है।
पूर्व मंत्री अखलाक अहमद ने कहा कि भारत सरकार की परियोजनाओं में केंद्र को पैसा देना है और पेट में ममोरे नीतीश कुमार की सरकार और उसके संपोषित भ्रष्ट अफसरों को क्यों उठ रहे हैं। आखिर बात क्या है? इसके भी जल्द खुलासे होंगे। बिहार का किसान और मजदूर सिर्फ प्रतिकूल परिस्थितियों में अनाज ही पैदा करना नहीं जानते बल्कि अपने दुश्मनों को धूल चटाना भी जानते हैं। किसानों से दुश्मनी लेकर न कोई सरकार बन सकती है और न चल सकती है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि सरकार और प्रशासन किसानों को मुआवजा मौजूदा दर से चार गुना अधिक दिए बगैर काम लगाने की गलती नहीं करे। भ्रष्ट अफसर आज तक अपने रिश्वत का रेट तो तय कर नहीं सका, दिन दुना और रात चगुना बढ़ता ही जा रहा है और वह चला है किसानों की जमीन का दर तय करने। सिर्फ किसान ही जानता है कि मौजूदा समय में जमीन का रेट क्या है?
बैठक को किसान नेता संजीव सिंह , मनोज सिंह भीम भाई तथा राजकुमार सिंह और अभय सिंह नबीनगर संघर्ष समिति के सचिव, देव संघर्ष समिति के नकुल जी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विनय सिंह, उमा बाबू, सतीश सिंह, रवि दुबे, अमरीश दुबे, कमला सिंह, जगत सिंह, अनिल सिंह, संतोष कुमार गौतम , पैक्स अध्यक्ष साधु जी , पैक्स अध्यक्ष अरविंद सिंह तथा अन्य किसान उपस्थित रहे।





0 Comments:
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home