Thursday, 27 July 2023

जिला मुख्यालय में किसान करेंगे एकदिवसीय धरना प्रदर्शन

 किसान संघर्ष समिति कुटुम्बा, औरंगाबाद के बैनर तले एकदिवसीय धरना प्रदर्शन जिला मुख्यालय में 31/07/2023 को रखा गया है यह जानकारी समिति के मिडिया प्रभारी सह क्रांतिकारी नेता राजकुमार सिंह ने दी। उन्होंने यह भी बताया कि कैमूर के वरिष्ठ किसान नेता दिनेश सिंह और विमलेश पांडेय भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। दिनेश सिंह भारतीय किसान यूनियन, नरेश एवं राकेश टिकैत के संगठन के बिहार के प्रभारी हैं।



मिडिया प्रभारी राजन तिवारी ने कहा कि कब तक सिर झुकाकर जुल्म सहते रहेंगे, इसके जगह आन्दोलन से किसानों को जागरूक करने का प्रयास करेंगे।



समिति के अध्यक्ष और सचिव ने संयुक्त रूप से कहा की भू-अधिग्रहण में सरकार और अधिकारी मनमानी तरीके से किसानों के जमीन को औने-पौने दाम पर अधिग्रहण कर 17 फीट ऊँची आसमानी रोड बनाने जा रहे है जिससे किसानों और आम जनमानस को कोई लाभ नहीं है।



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Tuesday, 25 July 2023

देव के बरंडा-रामपुर में भी एक्सप्रेसवे की भूमि मापी का विरोध, दूसरे दिन सीओ को ग्रामीणों ने वापस लौटाया

जिले के तीन प्रखंड से गुजर रहे वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे की भूमि मापी में लगातार बाधा आ रही है। ताजा मामला देव प्रखंड के बरंडा रामपुर गाँव का है जहाँ कुटुम्बा प्रखंड के तर्ज पर ही एक्सप्रेसवे की भूमि मापी का भारी विरोध देखने को मिला। मापी के प्रयास में दूसरे दिन देव प्रखंड के सीओ प्रियंका कुमारी जब वहाँ पहुँची तो ग्रामीणों ने मुआवजा की लिखित राशि की मांग करते हुए भूमि मापी का विरोध किया। किसान संघर्ष समिति से जुङे एक किसान बलिराम सिंह ने बताया कि जबतक ऊचित मुआवजा लिखित रूप से निर्धारित कर नहीं दी जाती है तबतक हम इस एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट का विरोध करते रहेंगे। समिति से जुङे एक अन्य किसान प्रवीण सिंह ने बताया कि जबतक हमारी मांगों को सरकार नहीं मानती है तबतक हम सरकार के सामने असहयोग की मुद्रा में अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। उपस्थित ग्रामीणों ने सर्कल रेट अपडेट करने को भी कहा जो 8 वर्ष से अपडेट नहीं किया गया है साथ ही उन्होंने सर्विस रोड की भी मांग की जिससे आवाजाही में किसानों को मदद मिल सके।



आपको बताते चलें की इससे पहले कुटुम्बा प्रखंड के बरौली और ओर गाँवों में भूमि मापी का विरोध हुआ था जिसके कारण कुटुम्बा प्रखंड को छोङकर भू-अर्जन विभाग ने देव के किसानों का नब्ज टटोलना चाहा जहाँ उन्हें निराशा ही हाथ लगी।



मौके पर गाँव के अनिल सिंह, दिलीप सिंह, सोनू सिंह, संजय सिंह, मोहन सिंह, धनंजय सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, अवधेश शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, श्रवण शर्मा, अरविंद महतो, सुदेश्वर शर्मा, नकुल महतो इत्यादि उपस्थित थें।

Saturday, 22 July 2023

'ओर' गाँव में एक्सप्रेसवे के लिए भूमि मापी का सामूहिक विरोध

'ओर' गाँव में एक्सप्रेसवे के लिए भूमि मापी का सामूहिक विरोध 


■ औरंगाबाद जिला से गुजर रहे वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे के तहत् भूमि मापी की प्रक्रिया शुरू की गई है जिसका पुरे कुटुम्बा प्रखंड में जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। बरौली के बाद 'ओर' गाँव के ग्रामीणों ने भी अधिग्रहित की जा रही भूमि के मापी का सामूहिक विरोध किया है। मौके पर उपस्थित वरिष्ठ किसान नेता सह किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र पाण्डेय ने बताया की किसानों की मुआवजा दर और एमवीआर अपडेट करने को लेकर प्रशासन पुरी तरह मौन है। पूर्व डीएम सौरभ जोरवाल और भू-अर्जन पदाधिकारी अमित कुमार ने पूर्व में यह आश्वासन दिया था कि हर गाँव के एमवीआर को अपडेट कर 40% की वृद्धि की गई है लेकिन बाद में यह बात झुठी साबित हुई। यह हमारे साथ धोखा जैसा है। गाँव के सङक किनारे की आवासीय प्रकृति की जमीन और एनएच 139 के किनारे की भूमि पर भी प्रशासन पुरी तरह मौन है। 




किसान संघर्ष समिति के युवा नेता विकास सिंह ने बताया की बार-बार आग्रह करने के बावजूद मुआवजा की दर पहले की तुलना में और कम ही कर दिया गया है। प्रशासन 2015 से जो एमवीआर चला आ रहा था उसी को आधार बनाकर मुआवजे की राशि को निर्धारित किया है जबकि किसी प्रदेश में ऐसा नहीं होता।


दूसरे वरिष्ठ किसान नेता राजकुमार सिंह ने यह बताया की झुठ पर झुठ बोलकर किसानों की जमीन हङपने की कोशिश की जा रही है। हमारी हजारों आवेदन को कुङेदान में फेंककर प्रशासन भूमि मापी की प्रक्रिया में सम्मिलित होकर लुटेरों का साथ दे रही है जो किसानों को कभी अच्छा मुआवजा नहीं देना चाहते हैं। ओर गाँव के रहने वाले युवा सदस्य विक्की सिंह ने सरकार पर जमीन लुटने का आरोप लगाते हुए यह कहा की हम किसी भी कीमत पर बिना मुआवजा दर बढ़े अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। सरकार यह जानती है की रजिस्ट्री के समय जानबूझकर कम कीमत पर लिखाई किया जाता है जिसका खामियाजा किसान को भुगतना पङ रहा है।


वरिष्ठ किसान नेता जगत सिंह ने मालिक गैरमजरूआ जमीन पर सरकार की अस्पष्ट नीति को लेकर हमला बोला और कहा कि सरकार के द्वारा जारी नोटिफिकेशन डी में मालिक गैरमजरूआ और बकाश्त मालिक भूमि का रिटर्न होने के बावजूद प्रकाशन नहीं किया गया जिससे हजारों किसान चिंतित हैं। हमारी सैकङों एकङ ऐसी भूमि पर अब भी गतिरोध बरकरार है। 


किसानों ने ऊचित मुआवजा न मिलने तक आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लिया है। मौके पर किसान नेता वीरेंद्र पाण्डेय, रामाशीष सिंह, कपिलदेव सिंह, राजकुमार सिंह, विकास सिंह, रामबदन सिंह, विजय सिंह, अनिल सिंह, वीरेन्द्र सिंह, रामाश्रय सिंह, वीरन सिंह, जगन्नाथ सिंह, जगनारायण सिंह, विक्की सिंह, कामाख्या सिंह, सुदेश सिंह इत्यादि उपस्थित थें।

Wednesday, 19 July 2023

बरौली में एक्सप्रेसवे के लिए भूमि मापी का विरोध

■'वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस वे' के अंतर्गत ली जा रही कुटुम्बा प्रखंड के बरौली गाँव की जमीन की नपाई का विरोध वहाँ के ग्रामीणों ने मुखर होकर किया है। भू-अर्जन विभाग के अधिकारी और अमीन जब वहाँ जमीन नापी के लिए पहुँचे तो सैकङों की तादाद में ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। 



आपको बताते चले कि पूर्व में कुटुम्बा और देव प्रखंड के हजारों ग्रामीणों ने पदयात्रा और प्रखंड कार्यालय पर धरना देकर अच्छी मुआवजा न मिलने को लेकर प्रशासन को शिकायत दर्ज करायी थी। बरौली के किसान नेता विनोद सिंह ने मीडिया को बताया की पिछले 8 वर्ष से उनके गाँव का एमवीआर नहीं बढ़ाया गया है जबकि सभी राज्यों में जहाँ भी जमीन अधिग्रहण की जाती है उनका एमवीआर अपडेट कर दिया जाता है। गाँव के दूसरे किसान सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि सङक किनारे की जमीन और रेट के साथ हमलोग सर्विस रोड के लिए भी प्रशासन से मांग किए थें जिसको प्रशासन ने गंभीरतापूर्वक नहीं लिया और जमीन की रेट 10 हजार प्रति डिसमील निर्धारित कर दी गई जबकि शुरू में 11,200 रूपये प्रति डिसमील की रेट पर भी हमलोगों ने कङा रूख अपनाया था। उस समय भी हमलोगों ने प्रशासन के सामने अपना विरोध दर्ज कराया था।


समाचार लिखे जाने तक सीओ की आने की सुचना भी ग्रामीणों को दी गई है। ग्रामीणों का कहना था की जबतक मुआवजा रेट नहीं बढ़ेगा तबतक वो नापी की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेंगे। ग्रामीणों ने साथ ही आवासीय भूमि की प्रकृति में सुधार की मांग करते हुए सङक किनारे की भूमि को आवासीय प्रकृति की करने की मांग की है।


मौके पर बरौली के किसान नेता विनोद सिंह, सत्येन्द्र सिंह, जुगेंद्र सिंह, रामजी सिंह, नरेश सिंह, महेश्वरी सिंह, सतन सिंह, बबन सिंह, अवधेश सिंह, प्रवेश सिंह, रामाशीष सिंह, ललन सिंह, राजेन्द्र सिंह सहित सैकङों ग्रामीण विरोध प्रदर्शन में उपस्थित थें।