Tuesday, 19 March 2024

गोरैया: प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण का महत्व | विश्व गोरैया दिवस

नमस्कार दोस्तों 

आज हम बात करने जा रहे है विश्व गोरैया दिवस के मौके पर जिसमे हम सबको गोरैया के महत्व और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता हैं  गोरैया के मधुर कलरव से अंतर्मन के साथ आसपास का वातावरण भी अंनत सकारत्मक उर्जा से भर जाता है , इश्वर प्रदत इस उपहार का अस्तित्व संकट में है  इसलिए हम सब को मिलकर इसे बचाने का संकल्प लेना चाहिए 

गोरैयाप्रकृति की शान हैंउनकी ख़ूबसूरती को देखने में ही आनंद है। विश्व गोरैया दिवस के इस अवसर परहमें यहाँ याद दिलाना चाहिए कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम इनकी सुरक्षा करें और उनकी रक्षा का समर्थन करें।"

नासिक निवासी मोहम्मद दिलावर ने घरेलु गोरैया पक्षियों की सहायता हेतु नेचर फॉरएवर सोसाइटी की स्थापना की थी। इनके इस काम को देखते हुए टाइम ने 2008 में उन्हें 'पर्यावरण के हीरोका नाम दिया था। विश्व गोरैया दिवस मनाने की योजना भी इन्हीं के कार्यक्रमों में एक सामान्य चर्चा के दौरन बनी थी। इसे हर साल 20 मार्च के दिन मनाया जाता है। ये नेचर फोरेवर सोसाइटी भारत  और इको-सिस एक्शन फ़ाउंडेशन फ्रांस  के मिले जुले प्रयास के कारण मनाया जाता है।

क्या विश्व गोराया दिवस परहम सबको सुंदर पक्षियों की सुरक्षा में और उनकी रक्षा के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा लेनी चाहिए। घरो में कुछ ऐसे झरोखे रखें जहां गोरैया घोषला बना सकेंछत और आंगन में अनाज के दाने बिखरेंआंगन और छतों पर पौधे लगाएं ताकि पक्षी आकर्षित हो सकें। घर की मुंडेर पर मिट्टी के बर्तन के पानी रखें।

 इस तरह से हम सब मिल कर गोरैया को बचा सकते हैं और उनकी सुरक्षा में योगदान देने का संकल्प ले सकते हैं।

धन्यवाद!

                                                                                

 

 


Friday, 1 March 2024

किसानों के मौन मार्च पर प्रशासन परेशान, किसान नेता के घर छापामारी, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रभारी दिनेश सिंह गिरफ्तार

आज दिनांक 01/03/2024 को औरंगाबाद जिले के सैकड़ों किसानों ने अपने विभिन्न मांगो को लेकर मौन मार्च का आयोजन किया था। जिसकी अगुवाई के लिए भारतीय किसान यूनियन सह संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी दिनेश सिंह औरंगाबाद आ रहे थे। जिन्हे बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर कैमूर में नजरबंद कर दिया है। उनके साथ कैमूर के किसान नेता पशुपति पारस को भी नजरबंद किया गया है। इधर औरंगाबाद के किसान नेता सह राष्ट्रीय मजदूर विकाश मंच के अध्यक्ष मनोज सिंह के तीन ठिकानों पर छापामारी विगत रात्रि को हुई है।

*क्या है किसानों की मांगे*?

अपने नेताओ के ऊपर प्रशासनिक करवाई के बावजूद मौके पर मौन मार्च के लिए गांधी मैदान पहुंचे सैकड़ों किसानों ने उतर कोयल नहर, राइट बटने, वाराणसी कोलकाता एक्सप्रेसवे के मुआवजे के मुद्दे पर अपना ज्ञापन अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा।

एक्सप्रेसवे के पीड़ित किसानों ने बताया की सरकार औने पौने दाम पर उनकी जमीन जबरन छीन रही है, जिसके कारण हजारों किसान बिहार के कई जिलों में आंदोलन रत है तथा उचित मुआवजा नहीं मिलने तक वो आंदोलन रत रहेंगे। उन्होंने दस वर्ष तक एमवीआर बढ़ोतरी न करने पर प्रश्चिंह भी खड़ा किया है?

उधर मौके पर उपस्थित उतर कोयल और राइट बटाने के किसानों ने कहा की स्थानीय सांसद और प्रधानमंत्री ने पिछले चुनाव में ही इस परियोजना को पूरा करने संबंधी आश्वाशन अपने मंच से दिया था। लेकिन यह परियोजना न सिर्फ अधर में है बल्कि मंडल डैम पर गेट भी नही लगा। जिसका आधारशिला प्रधानमंत्री ने किया था।

प्रसिद्ध किसान नेता राकेश टिकैत ने भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रभारी दिनेश सिंह के नजरबंद किए जाने पर कड़ी निन्दा की है। फेसबुक लाइव पर इसके संबंध एक विडियो जारी किया है और अविलंब रिहाई की मांग की है।

*मौन मार्च पर परेशान रही प्रशासन*

प्रधानमंत्री के कार्यकर्म के ठीक पहले किसानों के मौन मार्च पर प्रशासन काफी परेशान रही। अनुमंडल पदाधिकारी ने गांधी मैदान पहुंचकर किसानों के ज्ञापन को प्राप्त किया।और किसानों के मांगो को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का आश्वाशन दिया। मौन मार्च के लिए किसान नेता मनोज सिंह, विकास सिंह, उमा सिंह, किसान नेता  विनय सिंह, चंद्रमोहन तिवारी कमला सिंह, भोला यादव, जितेंद्र तिवारी, श्यामबिहारी कुमार, अमरेश दुबे, मिर्तुंजय पांडे, राधे प्रजापति कामेश्वर यादव, राजेंद्र पाल,सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे