Friday, 24 November 2023

चौधरी टिकैत साहब का पुनः आगमन

 आज  दिनांक 24/11/2023 दिन शुक्रवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर विकास मंच तथा किसान संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वाधान में  आम सभा की  बैठक देव में आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता बेढणी पंचायत के मुखिया श्री मनोज कुमार सिंह ने किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय किसान यूनियन के बिहार प्रदेश प्रभारी श्री दिनेश कुमार थे। आगत अतिथियों का स्वागत राजदेव जी के द्वारा किया गया।


विकाश मंच के कोषाध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता जी ने उतर कोयल नहर परियोजना के बारे में मुख्य अतिथि  को विस्तार से अवगत कराया।

श्री मनोज सिंह ने कहा कि आज 50 वर्षों की लंबी अवधि बीतने के बाद 2018 में 1622 करोड रुपए भारत सरकार द्वारा आवंटन हुआ जिसमें मरम्मती कार्यक्षेत्र 125 किलोमीटर का था जबकि मात्र 2 किलोमीटर में कार्य किए गए , और 900 करोड रुपए का निकासी हो चुका और डैम में गेट लगाने हेतु 585 करोड़ का भारत सरकार के द्वारा पुनः आवंटन दिया गया , लेकिन फिर भी आज तक गेट का कोई कार्य नहीं हो सका।

कार्यकारिणी के रणविजय सिंह ने  कहा की यह कार्य सीधे-सीधे सरकारी एजेंसी वेब कोर्स द्वारा किया जा रहा है जिसका कार्य अधिक मार्च 2022 में समाप्त करना था ।आलम यह है कि नहर विभाग के वरीय पदाधिकारी से मिलकर प्रगति रिपोर्ट मांगे जाने पर रहते हैं कि भारत सरकार की एजेंसी वेब कोस बताएगा क्योंकि हम लोगों को विभाग की कोई जानकारी नहीं होती है हम लोगों को केवल लहर की रखवाली करने का कार्य दिया जाता है ।


किसान संघर्ष समिति के जिला सचिव विकाश कुमार  सिंह ने कहा कि भारत माला परियोजना में जमीन अधिग्रहण में लगातार धांधली हो रही है, पूर्व जिला अधिकारी सौरभ  जोरवाल साहब ने किसानों का एमवीआर में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर किसानों से भुगतान का वादा किया गया था। निबंधन उस बड़े हुए एमवीआर से शुरू हो गई। लेकिन किसानों का जमीन का मूल्यांकन पुराने एमवीआर पर कर किसानों को नोटिस बांटा जा रहा है।  किसान नोटिस लेने से मना कर रहे है। किसानों का कहना है की जो जिला अधिकारी मूल्य निर्धारित किए है वह तो किसानों को निश्चित मिलना ही चाहिए। अगर सरकार हमे वह मुआवजा नहीं देती है तो हम किसी भी कीमत पे सरकार के सभी कार्यों का विरोध जारी रखेंगे। अगर संयुक्त रूप से किसानों की समस्या पर बिहार में राष्टीय किसान नेता चौधरी टिकैत साहब के अगुवाई में  आंदोलन अनवरत लगातार होगा तभी भारत  सरकार और राज्य सरकार को गहरी नींद से जगा सकते है। हम एकजुट रहेंगे तभी हमारी मांग पूरी होगी चाहे वह जमीन अधिग्रहण का हो या लंबित सिंचाई परियोजना या न्यूनतम समर्थन मूल्य। हमलोग को हर हाल में सभी किसानों को जागृत करना होगा तभी बिहार में एक बड़े आंदोलन की शुरुवात हो सकेगी। 


भारतीय किसान यूनियन के श्री दिनेश सिंह ने कहा की उतर कोयल नहर परियोजना या जमीन अधिग्रहण के मामले पर अभी तक बिहार में बड़ा आंदोलन नही हुआ। इसके लिए आपलोग को जमीनी स्तर पर सौ योद्धाओं की ऐसी फौज तैयार करनी होगी जो एक कॉल पर कैमूर जा सके , रोहतास जा सके और कैमूर और रोहतास की टीम औरंगाबाद आ सके। टिकैत साहब तो खुद ही किसान शंखनाद आंदोलन , गांधी मैदान , औरंगाबाद में  किसानों के समक्ष  घोषणा किया था । सरकार को दिसंबर तक अल्टीमेटम दिया था। बिहार में बड़ा आंदोलन करने के  लिए  उनके निर्देश पे ही मैं यहा आपके साथ आम सभा में हूं।

इस बार जो तीन दिवसीय बिहार में टिकैत साहब रहेंगे उसमे तीन मुद्दा मुख्य रूप से रहेगा पहला भूमि अधिग्रहण में धांधली दूसरा लंबित सिंचाई परियोजना और तीसरा न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ मंडी सिस्टम । टिकैत साहब साल के अंत में और नए साल के शुरुवात में आपके यहां रहेंगे। जल्द ही तिथि की घोषणा भी हो जाएंगी।

आम सभा को एकबाल जी, अशोक जी, रत्नाकर सिंह जी, पिंटू कुमार जी, कामता प्रसाद जी, पपुयसिंह जी ने भी संबोधित किया। इस आम सभा में सैकड़ों किसान उपस्थित रहें।


Monday, 13 November 2023

माता का मंत्र जल्दी करो देर न करो

आज ऑनलाइन मंच पे बाल दिवस जयंती पे विचार विमर्श का आयोजन हुआ। आधुनिक भारत के निर्माण में चाचा नेहरू के योगदान का तथा बच्चों के प्रति अगाध लगाव प्रेम को याद किया गया । ऑनलाइन मंच की अध्यक्षता का नेतृत्व एस एस इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्य शीतल सिंह ने किया तथा ऑनलाइन मंच का संचालन जेनिथ क्रैस स्कूल की प्राचार्या रिंकी सिंह ने किया।  त्योहार के चलते विद्यालय बंद है । बच्चे घर पे है। जिसमे सभी वक्ताओं ने अपने नेहरू जी के प्रति विचार रखें। 


शीतल सिंह ने कहा कि वे स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं सभी आदरणीय अभिभावक और विद्यार्थियों को दिया।


निदेशक सरोज सिंह ने कहा कि विद्यार्थी जीवन हमें अनुशासन और अध्ययन सीखने में मदद करने के लिए है। इसके बावजूद जिंदगी काफी आनंदमय है. विद्यार्थी जीवन में संघर्ष कम होता है। स्कूल या कॉलेज के लिए तैयार होने के लिए सुबह जल्दी उठना चाहिए ।
छात्र जीवन के दौरान बस स्टॉप तक दौड़ना बहुत रोमांचक होता है। माताएँ हमें लगातार याद दिलाती रहती हैं कि जल्दी करो और देर न करो। यह सभी माताओं के लिए किसी मंत्र से कम नहीं है।इसके अलावा छात्र जीवन में और भी रोमांचक पल होते हैं।हम कभी-कभी अपना होमवर्क पूरा करना भूल जाते हैं और फिर शिक्षक के मांगने पर नोटबुक ढूंढने का नाटक करते हैं।



हिमांशु जी ने लोगो को संबोधित करते हुए बताया कि परीक्षा का समय नजदीक आने के साथ, मज़ा थोड़ी देर के लिए रुक जाता है लेकिन ज़्यादा देर के लिए नहीं। छात्र जीवन की सबसे रोमांचक चीज़ों में से एक है अपने दोस्तों के साथ पिकनिक और यात्राओं पर जाना।आपको आनंद लेने का मौका मिलता है और खूब मजा आता है। दोस्तों के साथ परीक्षा परिणाम का इंतजार करना भी मजेदार हो जाता है। विद्यार्थी जीवन का सार छोटी-छोटी बातों में निहित है, जैसे अपने मित्र के अंकों के बारे में उत्सुक होना, यदि वे अधिक अंक प्राप्त करते हैं तो ईर्ष्यालु होना, इत्यादि।

निदेशक विकाश कुमार सिंह ने कहा की खेल अवधि या किसी नए शिक्षक के बारे में सीखने का उत्साह। विद्यार्थी जीवन जहां हमें अनुशासन सिखाता है, वहीं यह हमें भरपूर आनंद भी देता है। यह हर किसी के जीवन का एक यादगार समय होता है।

खुशी कुमारी शिक्षिका ने विद्यार्थी जीवन का महत्व के बारे में विस्तार से अपनी बाते रखी।

विद्यार्थी जीवन हर किसी के जीवन का अहम हिस्सा होता है। विद्यार्थियों और देश का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम विद्यार्थी कैसे हैं। अत: सही मार्गदर्शन प्राप्त करना आवश्यक है। विद्यार्थी जीवन हमारे जीवन की नींव बनाता है।इस प्रकार, यदि आपकी नींव मजबूत है, तो इमारत भी मजबूत होगी। हालाँकि, कमजोर नींव किसी इमारत को खड़ा नहीं कर सकती। दूसरे शब्दों में, विद्यार्थी जीवन हमें मानवीय गुणों को अपनाने में मदद करता है।लोगों को इस बात का अहसास नहीं है कि विद्यार्थी जीवन पाना भी कितना भाग्यशाली और सौभाग्यशाली है। कई बच्चे इसे पाने का सपना देखते हैं लेकिन उन्हें कभी यह नहीं मिल पाता। इस प्रकार, यदि किसी को शिक्षा प्राप्त होती है, तो उसे इसका अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।

विद्यार्थी जीवन सदैव खुशियों से भरा तो नहीं रहेगा लेकिन सार्थक रहेगा। यह हमें जीवन के पथ पर आगे बढ़ने और ईमानदारी, धैर्य, दृढ़ता और बहुत कुछ जैसे गुण प्राप्त करने में मदद करता है।

कर्म के बिना शरीर की यात्रा तो संभव ही नहीं हैं!

 

ग्राम धनीवार में आज किसान संघर्ष समिति औरंगाबाद का धार्मिक दौरा भागवत गीता के ज्ञान का जल भरी कार्यक्रम से शुरू हुआ वहा आए संत विद्वान आचार्य ने बताया की 

गीता में श्री कृष्ण भगवान ने अर्जुन को उपदेश देते हुए कहा था की 

कर्म के बिना शरीर की यात्रा तो संभव ही नहीं हैं!

व्यक्ति सांस तो लेगा ही न पार्थ  , यदि वातावरण में कोई सुगंध या कोई दुर्गध है तो उसको अनुभव करने  के लिए विवश है ।

 यदि कोई नाद है यदि कोई कोलाहल है , कोई ध्वनि है तो उसे सुनने के लिए कर्ण उसके आदेश की प्रतिक्षा नही न करेंगे पार्थ।

 इसलिए जो अपनी इंद्रियों को स्थिर रखें जो उनपर अपनी चेतना का अंकुश लगाकर उन्हें कर्मों उन्मुख करें उन्हें कर्म की दिशा दिखाए वहीं श्रेष्ठ हैं ।

वो अपने विकल्पों को समझता है पार्थ वो अपनी संकल्प शक्ति को समझता है ओर हे पार्थ अपने नियत कर्म करना कुछ  न करने से अच्छा है अब ये भी ठीक है पार्थ आंखे देखती है किंतु वे क्या देखें? क्या न देखें?

इसका निर्णय ज्ञानी तो स्वयं ही लेता है ।

इस अवसर पर तमाम पुराने साथियों आंदोलनकारियो से मुलाकात हुई सर्वप्रथम छोटन पांडे जी , प्रेम पांडे जी, श्रीकांत पांडे जी , मधुरेंद्र जी सभी आदरणीय बड़े बुजुर्ग लोगो का धार्मिक स्नेह प्राप्त हुआ समिति को।

तत्पश्चात काफिला अध्यक्ष जी और सचिव जी का रथ ग्राम बसौरा के तरफ बड़ा तो आतिथ्य भाव के लिए श्रीकांत पांडे जी वहा आए ।विविध विषयों पर चर्चा हुई।  अध्यक्ष जी ने धनीवार वासियों को  निर्देश देते हुए कहा कि संघटन के सभी किसान भाइयों का कैंप का विरोध करने का इरादा है जिसके लिए  दिन और तिथि निश्चित होने वाला है । यदि आप धनीवार के लोग धरना का विरोध करते है तब समस्त किसान आपको अपना विरोधी मान लेगा। इसलिए आपलोग आगामी धरना का विरोध न करें ये मेरा सुझाव है।

धनीवार से काफिला ग्राम बसौरा के लिए बढ़ा। वहां आदरणीय चंद्रमोहन तिवारी जी सभी ग्रामवासी को एकत्र करके रखे हुए थे। वहां अध्यक्ष जी ने कैंप के विरोध में धरना के लिए लोगो को राजी किया । सभी ग्रामवासी सहर्ष हस्ताक्षर अभियान में भी भाग लिया। वहां उपस्थित नंदलाल जी ने कहा कि मैं हस्ताक्षर पूरा करवा के अध्यक्ष जी को छठ से पहले समर्पित कर दूंगा।

उसके बाद विजेंद्र जी को फोन कर बरहेता की और समिति प्रस्थान कर गया । वहा भी हस्ताक्षर अभियान का जिम्मा प्रेम बाबू को सौंपा गया  ।

सक्रिय साथी अजीत बाबू के साथ सभी ग्रामवासी एकत्र हुए जहां बहुत सवाल जवाब हुए।  संघटन ने सभी प्रश्नों का उतर देकर उनकी जिजीविषा की प्यास बुझाई और बताया कि हमारे साथ कैसे प्राधिकरण और प्रशासन मिल कर मुआवजा का  गड़बड़ घोटाला कर रहा है।

यह अकाट्य सत्य, कटु सत्य बताकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया । वहां सड़क से सदन तक की पूरी कहानी बयान की गई।

इसके बाद भी काफिला नही रुका,  और वह झरहा पहुंचा जहां आदरणीय बलराम बाबू का विचार तथा बौद्धिक प्रकोष्ठ के सदस्य जयराम बाबु के पास मार्गदर्शन प्राप्त किया गया।

झरहा में जो बात क्षण कर आई कि ग्राम धनीवार का समर्थन प्राप्त करना जरूरी है, उसके लिए बैठक करें जिसकी भनक पीएनसी को न लगे । हर कार्य का खबर शीर्ष नेतृत्व टिकैत साहब के संगठन को भी होना चाहिए। 

आदरणीय श्री सुबोध भैया जो समिति के मुख्य संरक्षक है ।उनसे भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सभी चीजों को तिथि शेड्यूल निर्धारित कर संगठन की समीक्षा बैठक कर  ठोस निर्णय पर पहुंचना है जिससे कि किसी किसान भाई को कोई संशय नहीं रहे। कैसे परियोजना में मुआवजा के लिए संघर्ष करना है? क्या रणनीति है?

इस कार्य के लिए समिति के सभी वरीय पदाधिकारी तथा सभी किसान भाइयों का गोवर्धन पूजा से भरा हुआ प्यार मिला।

आज इस पुनीत कार्य में श्री वीरेंद्र पांडे जी जगत सिंह जी नंदलाल जी चंद्रमोहन तिवारी जी तथा सभी बड़े बुजुर्गो का  अध्यक्ष जी को आशीर्वाद मिला।

Saturday, 11 November 2023

विधान सभा में किसानो के मुआवजा हक़ में आवाज हुई बुलंद

 औरंगबाद जिला  के किसानों की भूमि अधिग्रहण में मुआवजा की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। पिछले एक वर्षों से भूमि अधिग्रहण के मुआवजे से जूझ रहे धरती पुत्रों पर सियासत तो खूब हुई, लेकिन उनके जख्मों पर ऐसा मलहम लगाने की सार्थक कोशिश किसी ने भी नहीं की थी  जिससे उनको हकीकत में राहत मिलती। ऐसे विषम हालातों से गुजर रहे किसानों को नबीनगर के लोकप्रिय विधायक श्री विजय कुमार उर्फ़ डब्लू सिंह का साथ, समर्थन ही नहीं बल्कि उन्होंने विधानसभा में किसानो के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए उनकी आवाज को सदन में पंहुचा दिया है,  सदन में सरकार से प्रश्न पूछते हुए कहा की “औरंगाबाद जिलान्तर्गत निर्माणाधीन वाराणसी कोलकाता एक्सप्रेस वें के लिए एन एच ए आई के द्वारा किसानो की अधिग्रहित भूमि की मुआवजा बाजार दर से काफी कम दिया जा रहा हैं जिससे उनमे असंतोष हैं । अतः मैं सरकार से बाजार दर पर मुआवजा दिलाने की माँग करता हूँ ।




समिति के प्रवक्ता विकाश कुमार सिंह ने प्रेस रिपोर्ट जारी  करते हुए यह जानकारी दी और बताया की धनतेरस खुशियों और समृधि का त्यौहार है, यह खबर धनतेरस के दिन सुनकर किसान संघर्ष समिति के सभी किसान भाइयों ने माननीय विधायक श्री  डब्लू सिंह के प्रति हर्ष जताया है, किसानो में ख़ुशी की लहर है और उन्हें अपने नेता पे पूर्ण भरोषा भी है की जब तक सरकार से हमारी मांगो को मनवा नहीं लिया जाता है तब तक संघर्ष अनवरत जारी रहेगा । ख़ुशी व्यक्त करने वाले समिति के पदाधिकारी जिला अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र पाण्डेय , सचिव रमाकांत पाण्डेय, अभय सिंह , सतीश कुमार सिंह , रवि दुबे , राजन तिवारी , राजकुमार सिंह , वीरेन्द्र सिंह , अनूप कुमार सिंह, भीम सिंह, अनिल सिंह,  तथा समस्त किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी गण रहे ।






जेनिथ क्रैस की हर रंगोली और पेंटिंग सुनाएगी एक नई कहानी

आज दिनांक ११ /११/ २०२३  दिन शनिवार को  मुख्यालय स्थित जेनिथ क्रैस विद्यालय में दीपोत्सव के आयोजन के क्रम में दिया सजाओं , दिया ड्राइंग तथा रंगोली बनाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई  


प्रधानाध्यापिका रिंकी सिंह और निदेशक विकाश कुमार सिंह ने उपहार देकर विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया । प्रधानाध्यापिका ने कहा की आधुनिक ज़माने में प्रतिदिन शिक्षा का अधतन हो रहा है फिर भी भारतीय कला और संस्कृति से जुड़ने के लिए इस तरह का आयोजन उनकी सक्रियता, भागीदारी अपने पौराणिक परंपरा और संस्कृति को जानने का अवसर मुहैया कराता है । उन्होंने यह भी कहा की विकाश सर के लागातार चिंतन के कारण जेनिथ स्कूल के विद्यार्थियों को सिखाने ओर सोचने की क्षमता के स्केल को उच्च गति प्रदान किया है ।


निदेशक विकाश कुमार सिंह ने बताया की त्योहारों की परंपरा को जीवंत बनाए रखने के लिए उनसे जुड़े गतिविधियाँ बच्चो को सकारात्मक वातावरण प्रदान करते है , जो उन्हें सिखने की प्रक्रिया रुचिकर बनाती हैं ।

कला की शिक्षका रूचि सिंह ने बताया की रंगोली नाम संस्कृत के 'रंग्वल्ली' शब्द से बना है । रंग्वल्ली का अर्थ होता हैं सुन्दर रंगों वाली लताए । समय के कालान्तर में इसे हमलोग रंगोली कहने लगे । रंगोली सबसे पहले हमें सकारात्मक महसूस कराती है । रंगोली बनाने में हम हमारी अंगुली और अँगूठा का मिलकर ज्ञान मुद्रा बनाते है , यह मुद्रा दिमाग को उर्जावान और सक्रीय बनाने में काफी हद तक मदद करती है जो रक्तचाप को भी नियंत्रित करती है ।


वरीय शिक्षक शिवशंकर जी ने बच्चो को विस्तार से बताया की दिवाली क्यों मनाते है इसके पीछे कोई कारण ओर कहानी होती हैं । सबसे बड़ा कारण तो भगवान् राम का माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ वनवास पूरा करके अयोध्या वापस आना माना जाता है । लेकिन सवाल यह है इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती हैं? इसका कारण यह हैं की इस दिन ही माता लक्ष्मी समुद्र मंथन से निकली थी । दिवाली की ही रात माता लक्ष्मी ने नरायन से विवाह किया था ।

दिया सजाओ में पुरुस्कार साहिल कुमार, नैन्सी कुमारी , लूसी कुमारी क्रमश फर्स्ट सेकंड थर्ड प्रदान किया गया ।

दिया ड्राइंग पुरुस्कार यक्ष फरमान, अविका कुमारी, तृप्ति आर्य को क्रमश फर्स्ट सेकंड थर्ड प्रदान किया गया ।


रंगोली सजाओ में क्रमश ख़ुशी कुमारी, रैना कुमारी , आयत निशा ,नूर आसरा , प्रिया कुमारी, स्नेहा कुमारी , अभिराज , आराध्या कुमारी , रौशन कुमार , कृष कुमार को दिया गया ।

इस अवसर पर मौजूद सभी बच्चों को दिवाली उपहार दिया गया तथा सभी शिक्षिको को मिठाई वितरण कर पुरे जेनिथ परिवार के तरफ से सभो को दिवाली की समृधि और खुशहाली की कामना की गई । इस मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक तथा सैकड़ो विद्यार्थी मौजूद रहें 


Friday, 3 November 2023

राजपूत अफीम के नशेड़ी और शराबी थे !

 

राजस्थान के गौरवशाली राजपूतों पर इससे अधिक संवेदनशील और निंदनीय आरोप और कुछ नही हो सकता। सबसे पहले कल्पना करें की एक जयमल मेड़तिया या पता चुड़ावत या कोई साधारण सेनानी राजपूत , अपनी प्रिय, अपनी पुत्री, अपनी मां के जीवित अंतिम संस्कार की चिता अपने ही हाथो से सजा रहा है।


केवल कल्पना करने से जब हमारे शरीर में ठंडा कंपन आ सकता है तो वास्तव में राजपूतों के नेतृत्व में  सहस्त्रों महिलाओं ने जौहर कैसे किया होगा। कुछ क्षण के लिए क्या हम अपनी चेतना को उस काल में ले जा सकते हैं जब हिंदू पुरुष अपने परिवारों की चिता को अग्नि दे अपनी आंखों के सामने उन्हें जीवित जलते हुए देख रहे थे? कठोर से कठोर हृदय वाला व्यक्ति भी इस भावना में अपना मानसिक संतुलन खो सकता था यदि हमारे पुरखे उसे हृदय विदारक परीक्षा की घड़ी में अफीम का सहारा लेते थे तो हमें उनका उपवास करना चाहिए या वंदन? अफीम के नशे में यदि हमारे पुरखे उसे असहनीय वेदना के परे जाकर शत्रु को हमारे मान मर्दन से वंचित कर रहे थे तो यह दैवीय कार्य था। जौहर के बाद राजपूत योद्धा शत्रु से युद्ध करने हेतु दुर्गा के द्वार खोलने से पहले एक दूसरे को पान में भी अमल अफीम दिया करते थे।



योद्धा स्वयं को मानसिक एवं शारीरिक रूप से सुन  करने हेतु अफीम का प्रयोग करते थे ताकि वह निर्विचार होकर उस शत्रु से युद्ध कर पाए जो उनके परिवार और धर्म का नाश करने का एकमात्र उद्देश्य लेकर आया है।


लिखित इतिहास में हमें कहीं भी सामाजिक बुराई के रूप में अफीम की लत का एक उदाहरण तक नहीं मिलता है। राजस्थान के योद्धाओं में अफीम के सेवन का एक और कारण अफीम का पीड़ा नाशक प्रभाव था।  मल्लेश्चो के साथ हुए अनगिनत संघर्षों एवं युद्ध तथा आश्चरोहण के परीक्षण के समय लगभग सभी योद्धाओं को छोटी-बड़ी चोटो का सामना करना पड़ता था । मेवाड़ के लड़े गए 100 से अधिक युद्धों के परिणाम स्वरुप महान महाराणा सांगा के शरीर पर लगभग 84 घाव थे।



योद्धाओं ने कई भीषण युद्ध में अपनी उंग हुईलियां हाथ पैर एवं विभिन्न अंग खोए हुए थे और ऐसे समय में जब उन्हें पीड़ा होती थी तो केवल अफीम ही उनके लिए एक औषधि स्वरूप थी जिसके कारण वह अपनी पीड़ा को कुछ घंटे के लिए दबा पाए थे। राजस्थान में अफीम विशुद्ध रूप  से औषधीय उपयोग में अथवा विवाह इत्यादि उत्सव में उल्लास हेतु प्रयोग में लाई जाती थी और ऐसे में इस औषधि का व्यसन कहकर उपहास करना न केवल हमारे पुरखों के त्याग के प्रति हमारी अनभिज्ञता  है वरन् यह भी दर्शाता है कि हम कितने कृत धन लोग हैं 



धन्यवाद

Wednesday, 1 November 2023

मानवता की मिशाल , ग्राहक की मुस्कान - कृष्णा फोटो स्टेट

आज दिनांक 01/11/2023 दिन बुधवार को ग्राहक विकाश कुमार सिंह का मोबाइल गुम हो गया था। कृष्णा फोटो स्टेट की मालिक के ईमानदारी के कारण उनका मोबाइल सकुशल वापस मिल गया। ग्राहक विकास कुमार सिंह ने बताया की आज के वर्तमान समय में भुला हुआ मोबाइल मिलना बहुत दुर्लभ कठिन कार्य है परंतु कृष्णा फोटो स्टेट के मालिक ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश करके आज के वर्तमान परिवेश में भी इंसानियत लोगो के दिलो में जिंदा है।

आधुनिक समय में मोबाइल एक महत्वपूर्ण लॉकर है जिसमे बैंक से लेकर चित्र तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज होते है। हरेक कार्य ओटीपी से ही संभव है और इसके कारण धारक को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कभी कभी तो ग्राहक को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।


इसलिए कृष्णा फोटो स्टेट ने आज अपनी मानवता तथा इंसानियत को समाज में स्थापित कर दिया और इस कार्य से ग्राहक के ही दिलो में नही बल्कि औरंगाबाद जिला में विश्वास की बुनियाद का भरोसा है।



बताते चले की औरंगाबाद में फोटो स्टेट की दुनिया में अलग पहचान बड़े से बड़े नक्शा का प्रिंट  ,आईडी कार्ड , भारत सरकार के तरफ से संचालित सीएससी भी है जो वर्षो से ग्राहकों की सुविधा के साथ उत्तम गुणवता प्रदान की जाती है। ग्राहकों के साथ उत्तम व्यवहार भी किया जाता है।


मालिक ने यहां तक कहा की न्यूज में लगाने की कोई जरूरत नहीं है आपलोगो के दिलो में कृष्णा फोटो स्टेट है यही मेरे लिए सम्मान है।

धन्यवाद