Tuesday, 29 August 2023

"राखी बनाओ और इनाम पाओ" - जेनिथ क्रैस

जिला मुख्यालय में शहर के महत्वपूर्ण प्राथमिक संस्थान जेनिथ क्रैस अकादमी में मंगलवार को "राखी बनाओ और प्रोत्साहन पाओ" प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के सभी बच्चों सहित कर्मचारियों ने भी भाग लिया। विद्यालय में इसके साथ ही पढ़ाओ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

 



सबसे पहले पैवेलियन प्रतियोगिता में भाग लेकर एक दूसरे के हाथों से अलग-अलग डिजाइन बनाए गए। यह प्रतियोगिता विद्यालय के अध्यापिका सौरव सिंह के निर्देशन में आयोजित की गई। डॉ. सिंह ने कहा कि सावन में मंडप के बिना अधुरा  , सावाँ में ईसाई धर्म और परंपरा का हिस्सा माना जाता है। तालाबों का तासीर ठंडा रहता है , सावन के महीने में भारी बारिश होती है जिसके कारण कई तालाबों का खतरा बना रहता है। शरीर को ठंडा करके रखने की विधि का प्रयोग किया जाता है। ना सिर्फ हाथों की प्राकृतिक प्रकृति को दर्शाता है बल्कि तनाव और सिरदर्द की समस्या भी दूर होती है।

 


दूसरे चरण में राखी पार्टी में साथियों ने तरह-तरह की राखियां बनाईं। इस प्रतियोगिता में क्वीन शर्मा के डायरेक्टर के साथ हुई। 

 

रानी शर्मा ने बच्चों की पाठशाला को संग्रहालय की संरचना में कहा कि रेशम के श्रालाज की बहन द्वारा भाई के कलाई पर बंधन बांधे जाने की परंपरा को रक्षा बंधन कहा जाता है।  

" रिलेशन की परिभाषा है , रिलेशन का गुणगान है राखी , अखिल विश्व में समरसता की सर्वेश्रेष्ठ पहचान है राखी"

 


यूसुफ़ शर्मा ने सभी कार्यशाला स्थलों को राखी बनाने के साझा तरीके की अनुमति दी। जैसे चावल के द्वारा रंग बिरंगी राखी , चार्ट पेपर के , घर में कच्ची रिबन के द्वारा , मोती और अन्य सहायक छात्रों के माध्यम से।

 

उनके द्वारा प्राप्त निदेशक से छात्रों ने एक खुबसूरत राखी का निर्माण किया। इसे देखकर हर कोई मन हाथ से बनी राखियों को देखकर अपलोड हो जाता है।

 





इस असवर में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रिंकी सिंह ने, कविता , पौराणिक गीत , चुटकुला का आह्वान करते हुए छात्रों से रक्षा बंधन की अपील की, जिसमें बच्चों ने बड़े पैमाने पर पौराणिक कथाएं लीं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जेनिथ क्रैस स्कूल अपने छात्रों के सर्वांगीन विकास के लिए कटिबद्ध और रेट है। इस विद्यालय ने समाज में पिछले 11 वर्षों में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है। इस अवसर पर छात्रों ने रक्षा सूत्र का आशीर्वाद लिया।

 


इस पर भाग लेने वाले सभी छात्रों को पदक प्राप्त करने के लिए उनका उत्साह बढ़ाया गया और कहा गया कि इसी तरह किसी भी समारोह में भाग लेने वाले से आपका मानसिक, रचनात्मकता और सृजनात्मक बुद्धि का विकास निरंतर होता रहता
है

 

इस अवसर पर आबदा खातून , आस्था कुमारी , सृष्टि कुमारी , पल्लवी कुमारी , शिव शंकर प्रसाद , जैनब और स्कूल के निदेशक विकाश कुमार सिंह उपस्थित थे।


Thursday, 24 August 2023

अन्तरिक्ष में भारत की चमक और धमक दोनों बरक़रार :- जेनिथ क्रैस

 औरंगाबाद के महत्वपूर्ण प्राइमरी संस्थान जेनिथ क्रैस विद्यालय में 24 /अगस्त को स्कूली बच्चों के लिए चंद्रयान -3 के नाम से विशेष प्रार्थना सभा सह प्रसारण कार्यशाला का आयोजन किया गया /

विद्यार्थियों के विज्ञान रोमांच, कौतुहल को सर्वदा ध्यान में रखते हुए / जेनिथ के शिक्षको के द्वारा विद्यालय में यादगार एवं ख़ुशी के पल साझा करने के लिय जो इंतजाम किय गए थे वह विद्यार्थी, शिक्षक और प्रबंधन देखकर अह्लादित हो गए / विद्यार्थियों की उत्सुकता चरमोत्कर्ष परवान पर थी / विज्ञान शिक्षक रूचि सिंह ख़ुशी से उनका दिल गदगद के साथ भारतीय वैज्ञानिको के लिय तालियों की गूंज से शमा में दीवानापन विज्ञान के लिए था वह पल को बयान नहीं किया सकता था /


प्रधान्ध्यापिका रिंकी सिंह ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को बतया की भारत अब चन्द्रमा के दक्षिणी धुर्व पर उतरने वाला प्रथम देश बन गया / इस चंद्रयान 3 मिशन के सफलता से देश में अंतरिक्ष विज्ञान के विकास की क्षमता बढ़ेगी / हमारेवैज्ञानिको को ब्रहामंड से जुड़े रहस्य जानने में मदद मिलेगी / भारत रेडियो टेलिस्कोप निर्माण का केंद्र बनने की और अग्रसर है / मिशन में जो तकनीक प्रयोग किए गए वह स्वदेशी है / हमारे उपकरणों पर विश्व बाजार में भरोसा बढेगा / और इस दिव्य तथा अद्भुत सफलता के बाद बड़े स्तर पर तकनीक का दुनिया से लेनदेन हो सकता है / दुनिया में हर मंच पर भारतीय वैगानिको का लोहा माना जाएगा /

 इस अवसर पर विदालय के शिक्षक , आस्था कुमारी, पिंकी सिंह , सृष्टि सिंह, पल्लवी सिंह, रानी शर्मा और खुशबु शर्मा उपस्थित थी /  

Saturday, 5 August 2023

वो नीली चिट्ठियां कहां खो गई

 वो नीली चिट्ठियां कहां खो गई



जिनमे लिखने के सलीके छुपे होते थे
कुशलता की कामना से शुरू होते थें
बड़ों के चरणस्पर्श पर ख़त्म होते थें
और बीच में लिखी होती थी जिंदगी
प्रियतमा का विछोह,
पत्नी की विवशताएं
नन्हें के आने की खबर,
मां की तबियत का दर्दं
और पैसे भेजने का अनुनय
फसलों के खराब होने की वजह
कितना कुछ सिमट जाता था
एक नीले से कागज में
जिसे नवयौवना भाग कर सीने से लगाती
और अकेले में आंखों से आंसू बहाती
मां की आस थी ये चिट्ठियां
पिता का संबल थी ये चिट्ठियां
बच्चों का भविष्य थी ये चिट्ठियां
और गांव का गौरव थी ये चिट्ठियां
अब तो स्क्रीन पर अंगूठा दौड़ता हैं
और अक्सर ही दिल तोड़ता हैं
मोबाइल का स्पेस भर जाए तो
सब कुछ दो मिनिट में डिलीट होता हैं
सब कुछ सिमट गया छै इंच में
जैसे मकान सिमट गए फ्लैटों में
जज्बात सिमट गए मैसेजों में
चूल्हे सिमट गए गैसों में
और इंसान सिमट गए पैसों में..!

लेखक
अरविन्द शर्मा

जाति जनगणना करने वाली बिहार सरकार को किसान संघर्ष समिति का खुला पत्र।

 जैसा की हमें ज्ञात हुआ है कि हाईकोर्ट ने आपलोगों को पुनः जाति जनगणना करने संबंधी फैसला दे दिया है। क्या उस जाति जनगणना में कुटुम्बा प्रखंड के महसू और बरवाडीह के दलित परिवार भी आते हैं जिनकी घर को वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस वे उजाङ रही है! क्या उस जाति जनगणना के बाद इन दलितों के पुनर्वास संबंधी कोई नीति भी आपकी सरकार लाएगी या सिर्फ जाति की राजनीति को बल देने के लिए आपकी सरकार इस जाति जनगणना के पीछे हाथ धोकर पङी है। महाशय, बरवाडीह की विधवा एक दलित महिला सिपति देवी आपसे यह सवाल करना चाहती है कि उनके घर को उजाङने के बाद आपकी भू-अर्जन विभाग, औरंगाबाद उनके लिए क्या व्यवस्था करेगी! क्या उनके लिए पुनः वो छत और दरवाजे सरकार मुहैया करा पाएगी या लाखों भूमिहीन दलितों के जैसा ही वो फिर से सङक पर आ जाएंगे!



महाशय, बगल के ही गाँव महसू के प्रसाद राम की पूरी घर आपका भू-अर्जन विभाग एक्सप्रेसवे के लिए तोङ रही है। प्रसाद राम जी के पास इस घर के अलावे न तो कोई कृषि के लिए खेत है और न ही घर बनाने के लिए कोई जमीन। तो क्या आपके जाति जनगणना के बाद इन लोगों की आर्थिक स्थिति और घर इनको आप दिला पाएंगे या सिर्फ जाति जनगणना एक राजनीति है क्योंकि जिसतरह से आपकी निरंकुश भू-अर्जन विभाग के पदाधिकारी दलित बस्तियों के प्रति उदासीन हैं और उनसे कभी बात भी नहीं करना चाहते इस स्थिति में न्याय की आशा किनसे लगाई जा सकती है!



महोदय, महसू के ही सहेंद्र पासवान के पास घर मिलाकर मात्र 5 कठ्ठा जमीन थी। तीन भाईयों में बँटा ये जमीन आज पूरी तरह से एक्सप्रेसवे में समां चुकी है। सहेंद्र के लिए न तो आपके कोई पदाधिकारी सहज उपलब्ध हैं और न ही उनकी ऐसी आर्थिक स्थिति है कि वो अपनी लङाई  इस भ्रष्ट और अनियमितता में डुबे हुए भू-अर्जन विभाग से लङ सकें।



महाशय, महसू की दलित महिला बुधनी देवी का परिवार आज भी फुस के छप्पर में रहते हैं। परिवार में 20 सदस्य हैं। पुरा का पुरा परिवार एक्सप्रेसवे के कारण विस्थापित होकर दर-बदर होने की स्थिति में है। न तो इनके पास खेती की जमीन है और न ही पुनः छप्पर डालकर रहने के लिए 1 डीसमील जमीन, फिर शौचालय और इंदिरा आवास की बात करना तो बेईमानी ही है। क्या आपकी जाति जनगणना इन तमाम लोगों को इनका बुनियादी जरूरत भी दिला पाएगी इसमें मुझे घोर संदेह है।


महाशय, आपके आने के बाद प्रशासनिक क्रुरता और भ्रष्टाचार चरम पर है। प्रशासनिक उदासीनता लोगों का गला दबा रही है, इस स्थिति में वंचित और दलित लोगों की स्थिति और जर्जर हो चुकी है और इनसब के बीच आपके भू-राजस्व और भू-अर्जन विभाग की घोर लापरवाही ने कितनों का घर उजाङकर उनका वास्तविक मुआवजा भी नहीं सौंपा है और हमारे वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस वे के किसानों के साथ भी ये यही दुहरा रहे हैं।


किसान संघर्ष समिति, कुटुम्बा औरंगाबाद

वाराणसी कोलकाता ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेस वे निर्माण को लेकर मिट्टी जांच की प्रक्रिया शुरू

किसान संघर्ष समिति इस बात का खंडन करती है कि किसान संघर्ष समिति के किसी सदस्य द्वारा मिट्टी जाँच के लिए धनीबार में किए गए बोरिंग का किसी ने विरोध किया है। 



चुकि मिट्टी जाँच के लिए की गई बोरिंग सरकारी भूमि में अवस्थित है/ अतः किसान संघर्ष समिति के लोगों ने कोई विरोध नहीं किया है। अध्यक्ष श्री वीरेंद्र पांडे ने कहा की हम निजी भूमि में मिट्टी जाँच हो या किसी तरह का कार्य  नहीं करने देंगे तथा इसका  सदैव विरोध करना जारी रखेंगे / समिति के मिडिया प्रभारी विकाश कुमार सिंह ने कहा की जब तक अधिकरण और प्राधिकरण हमारी जमीनों का उचित मूल्यांकन तथा प्रकृति का वर्गीकरण नही करती है। तब तक सड़क में हमलोग असहयोग की मुद्रा में बने रहेंगे /