Saturday, 27 February 2021

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र भगवान् श्री राम मंदिर निर्माण, जेनिथ क्रैस द्वारा सात्विक दान

श्री राम धर्म के मूर्तिमंत स्वरुप है, वे भारत की आत्मा है श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के आवाहन पर राम भक्त दिनेश जी आज जेनिथ क्रैस विद्यालय में पधारे  विद्यालय परिवार के सभी शिक्षको  ने उनका स्वागत पुष्पगुच्छ देकर  किया । विद्यालय के निदेशक ने इस अवसर पर अपने शिक्षको को संबोधित करते हुए कहा की इसके लिए श्री राम भक्तो ने ४९२ वर्षो तक अनवरत संघर्ष किया है अतीत में 4 लाख से भी अधिक राम भक्तो ने बलिदान दिया परन्तु हमारे वर्तमान युग में हम अपने आप को  हिंदुत्व  होने के साथ साथ राम भक्त हमलोगों से स्वेच्छा से सात्विक दान लेने आये है 


इससे बढ़कर हमारे विद्यालय परिवार, गाँव, टोला , महल्ला समाज के उत्थान के लिए  गौरव की अभिभूति है तथा हम सब गौरव समझ रहे है की हमारा छोटा दो से दस अंको का सहयोग भी राम मंदिर के निर्माण में साक्षी है यह परम धार्मिक एतिहासिक क्षण है 


राम भक्त दिनेश जी ने कहा की दान भारतीय समाज की पुरातन विशेषता रही है , विद्यार्थी सन्यासी , भिक्षु इत्यादि को जीवन यापन हेतु संसाधन उपलब्ध कराना यह सामाजिक कर्तव्य भी माना गया है

शिक्षक शिवानी सिंह ने कहा की पूज्य संतो ने यह आवाहन किया कि श्रीराम जन्मभूमि में भव्य मंदिर बनने के साथ जनजन के ह्रदय रूपी मंदिर में श्रीराम के आद्रशो की जीवन मूल्यों की अधिस्थापना हो इसी कामना से से रामभक्त हर हिन्दू के घरो में उसी भाव और समर्पण के साथ जाते है 


इस अवसर पर विद्यालय के सभी कर्मचारियों गुरुजन, और छात्र छात्रा इस अनमोल लम्हे के समय यादगार के रूप में उपस्थित रहे 

धन्यवाद  

Wednesday, 10 February 2021

जेनिथ क्रैस ने अभिभावकों को दिया आर्थिक राहत का तोहफा

कोरोना महामारी की बात करे तो सबसे अधिक निजी विद्यालयों के संचालको को हुआ , क्योकि कुछ ऐसे भी संस्थान होते है जिनका अपना भवन नहीं होता है किराये के मकान लेकर, किराये का खेल मैदान , सब कुछ किराये का होता है, फिर भी वह विपरीत परिस्थिति में अपने मालिको को किराया देना उसके बाद भी अभिभावकों का बोझ  को कम करना जैसे निर्णय अगर प्रबंधन करती है तो शिक्षा के क्षेत्र में मानवता की अनुपम भेंट है , ऐसे कदमो की भूरी-भूरी प्रशंशा की जानी  चाहिय तथा समाज के सभी वर्गों को स्कूल समिति को हौसला प्रदान करने के साथ विद्यालय के समग्र विकास में इक कदम जरुर चलना चाहिए, सामजिक अध्यन पर करने पर पता चलता है जिन बच्चो के माता पिता की आर्थिक स्थिति समान्य से बेहतर थी,  उन्होंने अपने बच्चे को संसाधन तो मुहैया कराई, पर नेटवर्क सर्व सुलभ ना होने के कारण शिक्षा उतनी कारगर नहीं हो पायी जितना सरकार ने माना था  , और जो आर्थिक रूप से नहीं शमिल हो पा  रहे थे उनको तो बिलकुल लगभग पुरे सत्र में पठन पाठन से दूर होना पड़ा, फिर भी बिलकुल ऑनलाइन शिक्षा बेनाकाम साबित हुई ऐसा भी नहीं कह सकते , हां ऐसा  जरुर कह सकते है की जहा कोई विकल्प नहीं बचा था वह बेहतर विकल्प बन कर उभरा , अगर पुरे भारत की बात करे ते तो हर आदमी के बिच बहुत बड़ा आर्थिक खाई है सबसे पहले इसे समानता को लाना  होगा तभी ये सरकार का सपना सार्थक होगा सबका साथ सबका विकास ,

YOUTUBE                                                                            विकाश कुमार सिंह

हमारे यहाँ जो बच्चो को पढ़ने की तकनीक पद्धति है वह कही न कही हमारे संस्कृति से ओत प्रोत है गुरुकुल से प्रेरित है और मै समझता हूँ की इसका पुरे विश्व के सभी देशो में कोई तुलना नहीं की जा सकती है , इसलिए भारत की जो प्राचीन परंपरा शिक्षा की है उसमे भी बहुत आधुनिक सुधार हुआ है मै सुधार के साथ सहमत भी हूँ और इसका समर्थन भी करता हूँ परन्तु साथ के साथ इसका विरोध भी करता हूँ की जो भारत में बच्चो का स्कूलिंग सिस्टम है उसे सरकार देर कर रही है कहते है ना इस धरती पर अगर सबसे बड़ा सत्य है अगर वह तो समय , जो विद्यार्थी का समय चला जायगा वह कैसे वापस आएगा परन्तु बिलकुल मानवजाति जब संकट में थी तो तो क्या उपाय है , लेकिन धैर्य सबो ने दिखाया मोदी सरकार के आह्वान पर पुरे भारतवासियों ने उनके कथनों को माना यह हमारी संस्कृति ही तो हमें सिखाती है की गुरु की बात को मानना है पुरे देश ने विपति के समय मोदी जी को गुरु माना और अब क्या चाहते है 


ZENITH DIGITAL WORLD

मोदी सरकार ने बच्चो के स्कुलो के खोलने और बंद करने का निर्णय राज्य सरकारों पर छोड़ रखा है मेरा राज्य सरकारों से करबद्ध प्रार्थना है की अब प्रथम से पांचवी की कक्षा के विद्यालाओ को खोलने की अनुमति प्रदान की जाय क्योकि शिक्षको और उनसे जुड़े हुए कर्मचारियों का पेट का सवाल भी है  और हम समझते है की हमारी सरकार अपने राज्यवासियो को भूख से नहीं मरने देगी क्योकि कुछ निजी संसथान रोजगार भी मुहैया और आपके अर्थ व्यवस्था में  भी उनका कुछ अंश है , विद्यालय भी सामजिक हित में काम करते है और समाज का इक अभिन्न अंग है, 


Zenith creche academy

जेनिथ क्रैस प्रबंधन का इस निर्णय को सभी अभिभावकों ने स्वागत योग्य कदम बताया और अभिभावकों का कहना है की इस विद्यालय के विकास के लिए मिनी बीघा, अली नगर , आजाद नगर  और वीर कुंवर सिह नगर के नगरवासियों से जो भी सहयोग और जनसमर्थन मिलेगा, विद्यालय के निदेशक विकाश कुमार सिंह को कहा गया की आप जो भी कदम उठाते है वह साहसिक कदम उठाते है और एक माने में ये दुसरो के लिए भी प्रेरक है इस निर्णय को और कुछ प्रबंधनो को भी लागु करने की आवश्यकता है , 

धन्यवाद