Tuesday, 28 December 2021

क्षण और कण में नए साल का सन्देश

 


इस समय आप 2021 को विदाई देने और 2022 का स्वागत करने की तैयारियों के बीच होंगे। नए साल पर हर व्यक्ति, हर परिवार कुछ बेहतर करने का, आने वाले साल में बेहतर बनने का संकल्प लेता है। पिछले ग्यारह वर्षों से जेनिथ क्रैस विद्यालय और जेनिथ डिजिटल वर्ल्ड हर व्यक्ति और  समाज की, सेवा कर अच्छाइयों को उजागर करके और बेहतर करने और आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित कर रही है। इन ग्यारह वर्षों में हमने बहुत कुछ खोया पाया , २०२१ का साल हल परिवार व्यक्ति के लिए सुखद नहीं रहा परन्तु हम भारतीय हमेशा सकारत्मक सोच लेकर आगे बढ़ते रहते है ,



जब हमें विद्या अर्जित करनी हो, कुछ नया सीखना हो, करना हो, तो हमें हर एक क्षण का इस्तेमाल करना चाहिए | और जब हमें, धन अर्जन करना हो, यानि उन्नति-प्रगति करनी हो तो हर एक कण का, यानि हर संसाधन का, समुचित इस्तेमाल करना चाहिए | क्योंकि, क्षण के नष्ट होने से, विद्या और ज्ञान चला जाता है, और कण के नष्ट होने से, धन और प्रगति के रास्ते बंद हो जाते हैं | ये बात हम सब के लिए प्रेरणा है | हमें कितना कुछ सीखना है, नए-नए innovations करने हैं, नए-नए लक्ष्य हासिल करने हैं, इसलिए, हमें एक क्षण गंवाए बिना लगना होगा | हमें देश को विकास की नयी ऊँचाई पर लेकर जाना है, इसलिए हमें अपने हर संसाधन का पूरा इस्तेमाल करना होगा | ये एक तरह से, आत्मनिर्भर भारत का भी मंत्र है, क्योंकि, हम जब अपने संसाधनों का सही इस्तेमाल करेंगे, उन्हें व्यर्थ नहीं होने देंगे, तभी तो हम local की ताकत पहचानेंगे, तभी तो देश आत्मनिर्भर होगा | इसलिए, आईये हम अपना संकल्प दोहरायें कि बड़ा सोचेंगें, बड़े सपने देखेंगे, और उन्हें पूरा करने के लिए जी-जान लगा देंगे | और, हमारे सपने केवल हम तक ही सीमित नहीं होंगे | हमारे सपने ऐसे होंगे जिनसे हमारे समाज और देश का विकास जुड़ा हो, हमारी प्रगति से देश की प्रगति के रास्ते खुलें और इसके लिए, हमें आज ही लगना होगा, बिना एक क्षण गँवाए, बिना एक कण गँवाये | मुझे पूरा भरोसा है कि इसी संकल्प के साथ आने वाले साल में औरंगाबाद जिला आगे बढ़ेगा, और 2022, एक नए औरंगाबाद के निर्माण का स्वर्णिम पृष्ठ बनेगा | इसी विश्वास के साथ, आप सभी को 2022 की ढेर सारी शुभकामनाएं | बहुत बहुत धन्यवाद |

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क्षण और कण में नए साल का सन्देश

Saturday, 25 December 2021

ईसा मसीह से सांता क्लॉज का क्या संबंध है? सांता क्लॉज कौन है?

 

आज दिनांक २५/१२/२०२१ को जेनिथ क्रैस स्कूल में क्रिसमस का त्योहार बच्चों और शिक्षकों के साथ मिलकर मनाया गया । इस अवसर पर डॉली सिंह के माध्यम से क्रिसमस के बारे में विस्तार से बताया ।संत निकोलस को सांता क्लॉज के नाम से जाना जाता है. संत निकोलस का जन्म प्रभु यीशु की मृत्यु के 280 साल बाद तुर्किस्तान के मायरा नामक शहर में हुआ था. वह एक रईस परिवार से थे. वे गरीबों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे. प्रभु यीशु में उनकी गहरी आस्था थी, इस वजह से वे पादरी बन गए. बाद में वे बिशप बन गए और उनको संत की उपाधि मिल गई. फिर वे संत निकोलस, क्रिस क्रींगल, क्रिसमस फादर के नाम से भी पुकारे जाने लगे. वे बचपन से ही जरूरतमंदों की मदद करते थे और बच्चों को उपहार देते थे. कहा जाता है कि संत निकोलस चाहते थे कि क्रिसमस के दिन हर चेहरे पर मुस्कान हो. कोई भी उदास न रहे. इस वजह से हर क्रिसमस की रात वे बच्चों को गिफ्ट्स, चॉकलेट बांटते थे. रात में उपहार देने का मकसद ये था कि उन्हें कोई न देखे या पहचाने. उनके बारे में एक घटना है, जिसमें इस बात का वर्णन है कि ​एक व्यक्ति गरीबी के कारण अपनी तीन बेटियों को देह व्यापार के दलदल में डाल रहा था. जब संत निकोलस को इसकी सूचना मिली, तो वे आधी रात को उसके घर के बाहर गए और वहां मोजे में सोने के सिक्के डालकर चले आए. उनकी इस मदद से उस परिवार का जीवन संवर गया. उनकी इन बातों की वजह से आज भी बच्चों को जल्दी सुला दिया जाता है, कि सांता क्लॉज रात में आएगा और उनको गिफ्ट्स देकर जाएगा. ​बच्चे अपनी मनोकामानाओं की पूर्ति के लिए आज भी रात में घर के बाहर मोजे टांग देते हैं, ताकि सांता क्लॉज उनकी मनोकामना पूरी कर दें.


शिवानी सिंह ने छोटे बच्चों के बिच रोमांचक बैलून दौड़ तथा संगीतमय कुर्सी दौड़ कराकर बच्चों को रोमांचित कर दिया, जिससे विद्यालय के सभी छात्र-छात्रा  काफी प्रसन्न नजर आ रहे थे



विद्यालय के प्रधान्ध्यापिका रिंकी सिंह ने जानकारी देते हुए कहा की ठंड को देखते हुए आपका विद्यालय अब नए साल में तीन जनवरी से शुरू होगा । साथ में सभी को ये सन्देश दिया की यह त्योहार आपके आने वाले साल में आपलोगों का जीवन सुखमय, मंगलमय, शांतिमय और खुशियों से भरा हो ।


इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक विकाश कुमार सिंह, शिक्षक अजय कुमार सिन्हा, शिव शंकर प्रसाद , अंकित कुमार, स्वीटी पाण्डेय , सोनाली सिंह तथा मुन्नी इत्यादि मौजूद थे ।

Monday, 20 December 2021

डिहरा पैक्स अध्यक्ष के याद में शोक सभा का आयोजन

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  • औरंगाबाद स्थित जेनिथ क्रैस विद्यालय में मंगलवार को डिहरा पैक्स अध्यक्ष श्री सतेन्द्र सिंह उनके साले दीपक कुमार तथा दो शिक्षकों के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रिंकी सिंह ने बताया की बिहार के औरंगाबाद ओबरा उब में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है जिसमें चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी है।  विकाश सिंह ने कहा की सत्येन्द्र सिंह काफी मिलनसार स्वभाव के थे और और पूरे औरंगाबाद में उनकी लोकप्रियता थी साथ साथ उनका शिक्षा से गहरा लगाव होने के कारण उन्होंने ग्राम धुबौल में चैतन्य पब्लिक स्कूल का निर्माण किया था , उनके जाने से शिक्षा जगत में भी भरपाई करना मुश्किल है शिक्षक परिवार भी इस घटना से काफी शोकाकुल दिखे । प्रातः शोक सभा में विद्यालय के सभी गणमान्य उपस्थित रहें ।