किसानों से दुश्मनी लेकर न कोई सरकार बन सकती है और न चल सकती है – किसान!
touch to future
नबीनगर प्रखंड मुख्यालय पे भारत माला परियोजना के प्रभावित किसानों का धरना प्रदर्शन रामा पांडे के नेतृत्व में तथा सभा का संचालन अभय सिंह ने किया।
क्षेत्र से पहुंचे सभी किसानों का स्वागत कुटुंबा के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र पांडे ने किया । सभा के समर्थन में आए हुए जन प्रतिनिधि श्री सुबोध सिंह का स्वागत महासचिव अमरेश दुबे तथा रवि दुबे ने संयुक्त रूप से किया।
इस धरना में कुटुंबा की और से समर्थन देने के लिए क्रांतिकारी नेता राजकुमार सिंह , नंदलाल तिवारी, श्री लाल सिंह, रवि सिंह, राहुल सिंह, जयबिंद पांडे, सचिव जगत सिंह, विनय सिंह, रामाश्रय सिंह, औंकार सिंह,भीम सिंह अनिल सिंह बिजेंद्र मेहता इत्यादि लोग आए समिति इनका साधुवाद करता है ।
इस धरना में नबीनगर के सभी गांव से बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले तमाम किसान भाई का भी समिति इनका आभार प्रकट करता है ।
जिला परिषद सुबोध सिंह ने बताया कि पूर्व में जब एनपीजीसी परियोजना में तत्कालीन जिला पदाधिकारी रामशोभित पासवान ने माली गरमजरुआ /बकास्त जमीन जो किसानों का 30 वर्षो से भू लगान दिया है अर्थात कब्जे में है उसको रैयति मानकर शत प्रतिशत भुगतान किया गया तो इस परियोजना में वैसे जमीन का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है।
मिडिया प्रभारी विकाश कुमार सिंह ने क्या अन्याय हो रहा है पूरे परियोजना में अधिग्रहण में किन किन मुद्दों पे किसानों का कत्ल किया जा रहा है वह विस्तार से समझाया।
मिडिया प्रभारी सह क्रांतिकारी नेता राजकुमार जी जमकर राज्य और केंद्र की सरकारों पे भड़ास निकाली और कही की किसानों को सरकार कमजोर समझने की भूल कभी मत करना । क्योंकि किसानों के नेता टिकैत साहब ने आदरणीय मोदी को काले कृषि किसान बिल को वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया। टिकैत साहब किसानों के वरदान है और धन्य है औरंगाबाद की धरा जो टिकैत साहब का आंदोलन में साथ लिया।
रवि दुबे ने बताया की किसानों को नबीनगर में बोनस भी इस जिले में दिया गया है, तो इस परियोजना में भी किसानों को बोनस मिलना चाहिए।
मांगो का ज्ञापन मांग से संबंधित बीडीओ को संयुक्त रूप से धरना स्थल पर दिया गया।
आगामी राकेश टिकैत के कार्यकर्म के 09/10/2023 को गांधी मैदान में किसान शंखनाद आंदोलन के लिए जन आहवान किया गया। इस अवसर पर हजारों किसान उपस्थित रहे।
वीरेंद्र पांडे ने कहा की गर मजरूआ भूमि का रैयतीकरण कर कैंप लगाकर उचित मुआवजा का वितरण करना होगा तभी किसान यह आंदोलन बंद करेंगे। मिडिया प्रभारी विकाश कुमार सिंह ने कहा की हमारे क्षेत्र के जन प्रतिनिधि किसानों के हित में सदन में उनके लिए आवाज बने। और उनकी आवाज को उठाकर उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास करें।
सचिव जगत सिंह ने कहा की किसानों की इस विपत्ति की घड़ी में न अधिकारी, पदाधिकारी, प्राधिकरण सुन रही है, किसानों का गुस्सा सरकार के प्रति उबल रहा है।
भीम सिंह ने कहा की छह डिसमिल से कम जमीन की निबंधन कराने में आवासीय शुल्क लिया जाता है उसी तरह अर्जनाधीन भूमि का मुआवजा भी हमे मिलना चाहिए। इस आंदोलन से प्रभावित होकर समिति को आश्वस्त किया की पाक्षिक धरना होते रहना चाहिए तभी ये बहरी गूंगी सरकार किसानों के हित के लिए सोचेगी।
किसानों के आंदोलन को धारदार बनाने के लिए आगामी राकेश टिकैत साहब के कार्यकर्म को जन आंदोलन बनाने की बात कही।
इस अवसर पर विनय सिंह, औंकार सिंह, सतीश सिंह, अनिल सिंह, भीम सिंह,अरविंद सिंह पैक्स अध्यक्ष, गुप्तेश्वर यादव, वीरेंद्र सिंह, अमरेश दुबे, रवि दुबे, अवधेश सिंह, कृष्ण सिंह, जीतन चौहान, धीरेंद्र विश्वकर्मा, विजेंद्र मेहता, अखलिश यादव, नीरज पांडे,उपस्थित रहे
जेनिथ विद्यालय में हिंदी दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य बच्चो में हिंदी भाषा के प्रति रुचि उत्पन्न करना था। उन्हें अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी का ज्ञान भी होना आवश्यक है क्योकि यह हमारी मातृभाषा, राष्ट्रभाषा व राजभाषा है। इस दौरान विद्यालय में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए रचनात्मक चित्रण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यालय के अनेक विद्यार्थियो ने इन प्रतियोगिता में प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
14 सितंबर को हिंदी सप्ताह के समापन पर हिंदी भाषा के महत्व पर वक्तव्य दिया गया। बच्चो के ज्ञानवर्धन हेतु विद्यालय के निदेशक विकाश कुमार सिंह ने हिंदी से जुड़े रोचक तथ्यों की जानकारी दी।. हिंदी की पहली कविता प्रख्यात कवि ‘अमीर खुसरो’ ने लिखी थी. हिंदी भाषा के इतिहास पर पुस्तक लिखने वाला पहला लेखक भारतीय नहीं था, बल्कि एक फ्रांसीसी लेखक Grasim the Taisi था.
2. साल 1977 में, देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गर्व के साथ हिंदी भाषा के प्रति सम्मान दिखाते हुए संयुक्त राष्ट्र में हिंदी भाषा में भाषण प्रस्तुत किया था.
3. 26 जनवरी 1950 को संसद के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी को प्राथमिक भाषा माना गया था.
4. ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में 'अच्छा' और 'सूर्य नमस्कार' जैसे कई हिंदी शब्दों को शामिल किया गया है.
5.हिंदी में पहली फिल्म राजा हरिशचंद्र थी.
6. 1950 में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला था.
7. साल 2009 में गूगल ने अपने सर्च इंजन में हिंदी की शुरुआत की थी.
8. भारत के अलावा मॉरीशस, फिलीपींस, नेपाल, फिजी, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद, तिब्बत और पाकिस्तान में हिंदी बोली और समझी जाती है.
इस अवसर पर विद्यालय के हिंदी शिक्षक शिवशंकर सिंह को समान्नित किया गया, रुचि सिंह, रिंकी सिंह, आस्था कुमारी, खुशबू कुमारी रानी कुमारी, पिंकी खातून, अंबालिका सिंह की गरिमामई उपस्थिति बनी रही।
भारतमाला परियोजना के तहत निर्माण हो रहे वाराणसी कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे में अधिगृहित हो रहे जमीनों को लेकर जिले के किसान काफी हताश और निराश हैं। किसानों का मानना है कि जमीन के बदले मिलने वाला मुआवजा बेहद ही कम है और इसके लिये जिम्मेदार केंद्र और राज्य की दोनों सरकारें हैं।
उचित मुआवजे को लेकर कि
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष बिरेन्द्र पांडेय नें बताया कि जिस एमवीआर के हिसाब से हमलोगों को मुआवजा मिलना तय किया जा रहा है उसे पिछले आठ वर्षों से अपडेट ही नहीं किया गया है अर्थात आठ साल पुराने भाव से हमें आज मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान बाजार भाव के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिये जबकि दिया जा रहा एमवीआर के हिसाब से जो बेहद ही कम है। इस एमवीआर का खेल राज्य और केंद्र की दोनों सरकारें मिलकर किसानों के साथ खेल रही हैं जिसमें किसान मारा जा रहा है।
अगले सवाल पर चर्चा करते हुए समिति के अध्यक्ष नें बताया कि अधिग्रहण हो रहे भूमि में पैंतीस प्रतिशत भूमि लगभग आवासीय भूमि है जिसका मुआवजा आवासीय के दर पर मिलना चाहिये लेकिन सरकार किसानों के प्रति बदनीयती दिखाते हुए सभी जमीनों का मुआवजा भीठ धनहर का देना चाह रही है। दिल्ली कटरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का उदाहरण देते हुए अध्यक्ष नें कहा कि जब एक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे में हरियाणा के किसानों को अलग अलग प्रकार के जमीनों के बदले अलग अलग मुआवजा दिया जा सकता है तब बिहार के किसानों के साथ यह भेदभाव क्यों ? उल्लेखनीय है कि दिल्ली कटरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे में हरियाणा के किसानों को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे की एक एकड़ भूमि के बदले एक करोड़ बेरासी लाख चालीस हजार रु मुआवजा दिया गया है जबकि बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे की भूमि के बदले लगभग पैंतीस लाख रु प्रति एकड़ दिया जा रहा है।
मौके पर उपस्थित किसान संघर्ष समिति के सचिव जगत सिंह नें किसानों पर हो रहे जुल्म को लेकर बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद केंद्र और राज्य की सरकारें मालिक गैरमजरूआ भूमि का मुआवजा किसानों को नहीं देना चाह रही हैं। जगत सिंह नें औरंगाबाद में पूर्व में एनटीपीसी हेतु हुए भूमि अधिग्रहण का हवाला देते हुए इस बात को भी संसद के पटल पर रखने का आग्रह किया कि जब एनटीपीसी में जमीन देने वाले किसानों को अच्छी मुआवजा के साथ आज भी जमीन के हिसाब से प्रतिवर्ष बोनस दिया जा रहा है तब उसी जिले के किसानों को दूसरी जमीन के बदले बोनस क्यों नहीं दिया जा सकता ?
किसानों के शिष्टमंडल नें भूमिहीन हो जा रहे किसानों के लिये पुनर्वास और रोजगार तो विथापित हो रहे दलित परिवारों के लिये भी पुनर्वास रोजगार पर सवाल उठाने के लिये सांसद से आग्रह किया।इ
स मौके पर किसान विकास कुमार सिंह,विजय पांडे, भोला पांडे, राजेश्वर पांडे, प्रेम पांडे, श्रीकांत पांडे, राजेंद्र तिवारी, पंकज तिवारी,बैजनाथ तिवारी आदि उपस्थित थे।
रैंप पे 06/09/2023 बुधवार को नन्हें मुन्ने बच्चों की श्री राधाकृष्ण रूप सज्जा प्रतिभा आयोजित हुई। निदेशक विकाश कुमार सिंह ने भगवान श्रीकृष्ण के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन करके समारोह की शुरुआत की।
उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण की पूजा उनकी सच्ची समझ की वजह से की जाती है। सभी चीजें जो हम अपनी पांच इंद्रियों से देखते हैं और अनुभव करते हैं हमारे अंदर के भावों की वजह से ही नए कर्म बंधते हैं। बाहर के कर्मों के साथ ही अंदर के भाव होते रहते हैं।
बच्चो ने श्री राधाकृष्ण के विभिन्न मुद्राओं को अपनी अभिनय प्रतिभा की बदौलत प्रदर्शित कर उपस्थित शिक्षकों को आकर्षित किया।बच्चों की राधाकृष्ण के जीवन पर आधारित भावपूर्ण नृत्य को निर्णायक मण्डल की सराहना मिली। सर्वश्रेष्ठ राधा और कृष्ण बने छात्र-छात्रा को पुरस्कृत किया गया।
निर्णायक मंडल के प्रधानाध्यापिका रिंकी सिंह व शिक्षिका खुशबु कुमारी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों में छिपी हुई प्रतिभा उजागर होती है। इससे भविष्य में उन्हें बेहतर तरीके से संवारने में मदद मिलती है। इस अवसर पर वरीय शिक्षिका रूचि सिंह, सृष्टि पल्लवी , सुप्रिया पल्लवी , आबदा खातून , आस्था कुमारी , रानी कुमारी उपस्थित रहें l
जिला मुख्यालय में स्थित जेनिथ क्रैस स्कूल में 05/09/2023 दिन मंगलवार
को डॉक्टर सर्वपल्ली राधा कृष्णन का जन्म जयंती धूम धाम से मनाया गया l सबसे पहले उनके तैल्य चित्र पे सभी शिक्षकों ने पुष्प अर्पित कर विनर्म श्रंधाजली दीया l इस अवसर पर विद्यार्थियो के द्वारा सभी शिक्षकों का वीडयो संदेश सुनाया गया lप्रधान्ध्यापिका रिंकी सिंह ने कहा की राधाकृष्णन एक महान शिक्षाविद होने के साथ-साथ एक बड़े बड़े विद्वान थे जो बाद में अपने देश के राष्ट्रपति भी बने और देश को संवारने तथा देश को आगे ले जाने का काम किया।इस अवसर पर वरीय शिक्षक शिव शंकर प्रसाद , रूचि सिंह, सृष्टि पल्लवी, सुप्रिया पल्लवी , आबदा खातून , आस्था कुमारी , खुशबू कुमारी , रानी कुमारी उपस्थित रहें l